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आसियान सम्मेलन: सू ची ने की नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात, द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर हुई चर्चा

दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज की पूर्व छात्रा सू ची को प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि जनता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करने वाली म्यांमा की सरकार और जनता के साथ भारत हमेशा खड़ा रहेगा।

Author वियंतियन | September 8, 2016 14:54 pm
म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए। (Photo Credit @MEAIndia Twitter)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमा में लोकतंत्र की प्रतीक एवं स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने गुरुवार (8 सितंबर) को आसियान-भारत एवं पूर्व एशिया सम्मेलनों से इतर यहां मुलाकात की और द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग का ‘सकारात्मक आकलन’ किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने हाथ मिलाते हुए और वार्ता करते हुए दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘एक लोकतंत्र की प्रतीक, एक विकास के साझेदार। म्यांमा की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।’ हरे रंग के दुपट्टे के साथ सारोंग और ब्लाउज पहने बेहद सौम्य दिख रहीं सू ची ने अपने बालों में हमेशा की तरह ऑर्किड का फूल लगाया हुआ था। 71 वर्षीय सू ची ने मोदी को म्यांमा में शांति एवं मैत्री की प्रक्रिया में हुई प्रगति के बारे में अवगत कराया।

स्वरूप ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत और म्यांमा के सुरक्षा सहयोग का ‘सकारात्मक आकलन’ किया। यह आकलन पूवोत्तर राज्यों के कुछ उग्रवादी समूहों द्वारा म्यांमा की धरती का इस्तेमाल भारत पर हमले करने के लिए किए जाने की पृष्ठभूमि में किया गया। पिछले माह म्यांमा ने भारत को आश्वासन दिया था कि वह किसी भी उग्रवादी समूह को नई दिल्ली के खिलाफ (गतिविधियों के लिए) अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगा। म्यांमा ने यह आश्वासन वहां असैन्य सरकार के प्रभार संभालने के बाद भारत की पहली उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान दिया था। तब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने म्यांमा के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव से बात की थी और सू ची के साथ व्यापक वार्ताएं की थीं।

एक सप्ताह के भीतर, म्यांमा के राष्ट्रपति क्याव और प्रधानमंत्री मोदी ने भी नई दिल्ली में व्यापक वार्ताएं की थीं। इन वार्ताओं के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत म्यांमा के नए सफर में ‘हर कदम’ पर उसके साथ खड़ा रहेगा और वह इन संबंधों को ‘नई ऊंचाइयों’ तक ले जाना चाहता है। दोनों नेताओं ने डेयरी फार्मिंग, पशुपालन और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने साझी बौद्ध विरासत के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।

म्यांमा में पांच दशक के सैन्य शासन को समाप्त करने वाली नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की नेता सू ची अपने देश की स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री हैं। स्वरूप ने कहा कि मोदी ने वार्ताओं के दौरान दालों से जुड़े संभावित समझौते पर भी बात की। इस मुद्दे पर स्वराज की म्यांमा यात्रा के दौरान चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि मोदी ने म्यांमा के चुनाव में एनएलडी की जीत पर सू ची की सराहना की और लोकतंत्र की प्रतीक के रूप में उनका स्वागत किया।

दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज की पूर्व छात्रा सू ची को प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि जनता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करने वाली म्यांमा की सरकार और जनता के साथ भारत हमेशा खड़ा रहेगा। मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि सू ची गोवा में आयोजित होने वाले सम्मेलन ‘ब्रिक्स-बिम्सटेक आउटरीच समिट’ में आएं। मोदी ने कहा कि दक्षिण एशिया में लगातार प्राकृतिक आपदाएं आने के कारण आपदा प्रबंधन पर सहयोग इस सम्मेलन का एक अहम मुद्दा होगा। सू ची ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि वह भारत आने का इंतजार कर रही हैं। उन्हें भारत में हमेशा अपने घर जैसा अहसास होता है।


“Terrorism Is Common Security Threat To Our… by Jansatta

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