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तीन दिन तक व्‍यस्‍त रोड के नीचे स्‍टील बॉक्‍स में बंद रहा शख्‍स, जब बाहर निकाला तो…

स्टील के बक्से में रहने के दौरान माइक पार को सोने के लिए बिस्तर, पानी, एक वेस्ट की बाल्टी, एक स्केटपैड और पेंसिल दी गई थी। बता दें कि माइक पार का यह स्टंट तस्मानिया के डार्क मोफो फेस्टीवल का हिस्सा था।

Author Updated: June 18, 2018 6:04 PM
डार्क मोफो फेस्टीवल के दौरान माइक पार ने किया ये स्टंट। (image source-Facebook)

ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति तीन दिनों तक व्यस्त रोड के नीचे एक स्टील के बड़े से बक्से में बंद रहा। यह कारनामा ऑस्ट्रेलियाई आर्टिस्ट माइक पार (73 वर्षीय) ने टोटेलिटेरियन हिंसा के पीड़ितों को श्रृद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया था। स्टील के बक्से में बंद रहने के दौरान माइक पार ने 3 दिनों तक कुछ नहीं खाया। माइक पार को 2.2 मीटर के कंटेनर से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी। इस दौरान माइक पार के ऊपर से हजारों लाखों वाहन गुरजरते रहे, क्योंकि उन्हें एक व्यस्त सड़क के नीचे स्टील के बक्से में रखा गया था।

यह कारनामा माइक ने ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट शहर में किया। स्टील के बक्से में रहने के दौरान माइक पार को सोने के लिए बिस्तर, पानी, एक वेस्ट की बाल्टी, एक स्केटपैड और पेंसिल दी गई थी। बता दें कि माइक पार का यह स्टंट तस्मानिया के डार्क मोफो फेस्टीवल का हिस्सा था। डार्क मोफो फेस्टिवल के दौरान डार्कनेस को सेलिब्रेट किया जाता है और लोग पब्लिक आर्ट, फूड, फिल्म्स और संगीत का आनंद उठाते हैं। माइक पार के इस स्टंट के आयोजकों का कहना है कि यह स्टंट 19वीं सदी में ब्रिटेन द्वारा ऑस्ट्रेलिया में किए गए नरसंहार को दर्शाने के उद्देश्य से भी किया गया है।

माइक पार को रविवार की शाम स्टील के बक्से से निकाला गया था। इस दौरान उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा थे। हालांकि माइक पार ने इस दौरान बात नहीं की और वह मंगलवार को किसी पब्लिक फोरम में अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। डार्क मोफो फेस्टीवल के आयोजकों में शुमार जेरोड रॉलिंस का कहना है कि माइक कई बार पहले भी ऐसा कर चुके हैं, इसलिए उनका शरीर इसका अभ्यस्त है। वहीं माइक पार के इस कदम की कई लोगों ने सोशल मीडिया पर आलोचना भी की है। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि कई लोग जीवनभर अंडरग्राउंड काम करते हैं और इन्होंने 3 दिन स्टील के बक्से में बिताए और इसे कला का नाम दिया जा रहा है और इस पर खबरें बन रही हैं। बता दें कि होबार्ट म्यूजियम द्वारा प्रोड्यूस किए जाने वाले डार्क मोफो फेस्टिवल के दौरान पहले भी कई विवाद जुड़ चुके हैं। एक बार इस फेस्टीवल के दौरान होबार्ट के तट पर उल्टा क्रास दिखाया गया था, जिस पर कई ईसाई संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

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