इज़रायल ने ईरान पर बड़ा हमला कर दिया है। अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कई शहरों में बम धमाकों की खबर है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के आवास के पास भी धमाके की सूचना सामने आई है। पूरे मिडिल ईस्ट में इस समय तनाव चरम पर है। माना जा रहा है कि ईरान जल्द ही जवाबी कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ईरान और इज़रायल की सैन्य ताकत क्या है, दोनों देशों की क्षमताएं और कमजोरियां क्या हैं।
थल सेना
रक्षा आंकड़ों के मुताबिक, इज़रायल के पास लगभग 3,450 तोपखाने मौजूद हैं। वहीं ईरान के पास करीब 1,000 के आसपास तोपखाने बताए जाते हैं। इसका मतलब है कि अगर जमीनी टकराव बढ़ता है तो आर्टिलरी क्षमता में इज़रायल बढ़त बनाए रख सकता है।
इज़रायल बनाम ईरान
सक्रिय सैनिकों की बात करें तो ईरान के पास इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सहित लगभग 6,10,000 से अधिक सक्रिय सैनिक हैं। इसके मुकाबले इज़रायल के पास करीब 1,70,000 सक्रिय सैनिक हैं, जबकि लगभग 4,00,000 रिजर्व सैनिक उपलब्ध हैं। संख्या के लिहाज से ईरान आगे दिखता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक युद्ध में सिर्फ सैनिकों की संख्या नहीं, बल्कि तकनीक और प्रशिक्षण ज्यादा अहम होते हैं और इस मामले में इज़रायल को बढ़त हासिल है।
वायु सेना
वायु सेना के मामले में इज़रायल ज्यादा ताकतवर माना जाता है। उसके पास अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट्स का बेड़ा है। इसके अलावा इज़रायल का ‘आयरन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुनिया भर में चर्चित है। ‘डेविड्स स्लिंग’ और ‘एरो’ जैसे मिसाइल रक्षा सिस्टम भी उसकी ताकत बढ़ाते हैं।
ईरान की वायु सेना अपेक्षाकृत पुरानी मानी जाती है। उसके कई विमान दशकों पुराने हैं। ईरान की रणनीति में ड्रोन और प्रॉक्सी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ‘शाहिद’ ड्रोन जैसे हथियार उसकी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
टैंक और बख्तरबंद क्षमता
टैंकों की बात करें तो ईरान के पास लगभग 1,996 टैंक मौजूद हैं और बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहन भी हैं। वहीं इज़रायल के पास करीब 1,370 टैंक हैं, जिनमें से बड़ी संख्या अत्याधुनिक और युद्ध के लिए तैयार मानी जाती है।
एयरक्राफ्ट की संख्या
ईरान के पास कुल मिलाकर लगभग 551 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें से करीब 358 सक्रिय बताए जाते हैं। इज़रायल के पास लगभग 612 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें से करीब 490 सक्रिय सेवा में हैं। तकनीकी दृष्टि से इज़रायली विमानों को अधिक आधुनिक और उन्नत माना जाता है।
नौसेना
नौसेना की बात करें तो ईरान के पास लगभग 101 नौसैनिक संसाधन मौजूद हैं। इज़रायल के पास करीब 67 नौसैनिक एसेट्स हैं। हालांकि, दोनों देशों के पास इस समय कोई एयरक्राफ्ट कैरियर या हेलीकॉप्टर कैरियर नहीं है।
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