ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर तेहरान समेत देश के कई शहरों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष को बहुत जल्द समाप्त होने का दावा किया है। शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 24 घंटे में डील संभव है तो वहीं, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता आज (रविवार) हो जाएगा। हालांकि, ईरान ने अभी तक इसको लेकर कोई समयसीमा नहीं बताई है।

एएफपी के अनुसार, अराघची द्वारा एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान प्रस्तावित समझौते पर चर्चा करने के बाद पूर्वोत्तर शहर मशहद में विदेश मंत्रालय के एक कार्यालय के बाहर दर्जनों लोग जमा हो गए। ईरान की समाचार एजेंसी फ़ार्स द्वारा साझा किए गए वीडियो में काले रंग के चादर ओढ़े महिलाएं लाल और काले झंडे लहराती हुई और विदेश मंत्री के खिलाफ नारे लगाती हुई दिखाई दे रही हैं।

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, सुने गए नारों में “अराघची, बेईमान समझौतावादी, की मौत हो”, “अराघची, शर्म करो, झुकना बंद करो” और “बेईमान घुसपैठिए अराघची की मौत हो” शामिल थे।

रॉयटर्स ने तेहरान और अन्य स्थानों पर प्रस्तावित समझौते को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन की खबर दी है। एजेंसी साझा किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारी अराघची पर वाशिंगटन के साथ बातचीत करने का आरोप लगाते हुए दिखाई दिए।

मशहद के एक निवासी ने रॉयटर्स को बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने “समझौता करने वाले की मौत हो” और “समझौता करने वाले, इस्तीफा दो, इस्तीफा दो” के नारे लगाए, जो स्पष्ट रूप से अराघची को लेकर थे।

एएफपी के अनुसार, कट्टरपंथी ईरानी हस्तियों का तर्क है कि प्रस्तावित समझौता ईरान के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा नहीं करता है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर देश के प्रभाव को कमजोर कर सकता है।

आलोचकों ने ईरानी वार्ताकारों पर वाशिंगटन के साथ समझौता हासिल करने के लिए बहुत अधिक रियायतें देने का आरोप लगाया है।

शुक्रवार को राज्य टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि विचाराधीन समझौते से ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हट जाएगी, जिसे वाशिंगटन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की अपनी नाकाबंदी के जवाब में लगाया था।

अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रशासन अब पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने इस जलमार्ग को ईरान के रोकथाम के मुख्य साधनों में से एक बताया था।

जल्द हो सकता है समझौता

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि ईरान के साथ एक ढांचागत समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाने वाले हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष शांति के लिए एक रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं और इस्लामाबाद एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी कर रहा है। हालांकि, तेहरान ने उस समयसीमा की पुष्टि नहीं की।

सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर तुरंत नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि यह कल नहीं होगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में एक समझौता हो सकता है।

रॉयटर्स के अनुसार, प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत एक अलग 60 दिवसीय प्रक्रिया के दौरान होगी। रॉयटर्स ने बताया कि विचाराधीन मसौदा शर्तों में रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने के बदले में अरबों डॉलर की फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई और ईरानी तेल निर्यात को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधों में छूट देना भी शामिल है।

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