ताज़ा खबर
 

नेपाल: PM केपी शर्मा ओली को बचाने आगे आया चीन, नेपाली राष्ट्रपति और टॉप लीडर्स के साथ चीनी राजदूत की बैठक की खबर

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के 44 में से 30 सदस्य पीएम ओली से इस्तीफा देने के लिए कह चुके हैं, हालांकि ओली ने इससे साफ इनकार कर दिया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र काठमांडू | Updated: July 8, 2020 11:54 AM
Nepal, PM, KP Sharma Oli, India, Chinaनेपाली पीएम केपी शर्मा ओली के साथ चीनी राजदूत होउ यांकी। (फाइल फोटो)

नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी पर खतरा बरकरार है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष और कई अन्य नेताओं ने ओली पर समस्याओं से निपटने में गैर-पेशेवर रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। हालांकि, ओली लगातार इस्तीफा न देने की बात पर अड़े हैं। इस बीच चीन ने भी ओली को बचाने और उन्हें भारत के खिलाफ अपनी मुहिम का हिस्सा बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। चीन ने नेपाल स्थित अपनी राजदूत को इस काम के लिए लगाया है। बताया गया है कि चीनी राजदूत ने ओली को बचाने के लिए नेपाल के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। इनमें राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी के साथ बैठक भी शामिल रही।

चीनी राजदूत के इस तरह नेपाल की राजनीति में दखल देने की खबरों के बाद लोगों ने रोष जाहिर किया है। गौरतलब है कि ओली लगातार चीन से अपनी करीबी दिखाने के लिए घिरते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कोरोनावायरस और अन्य कई मुद्दों पर भारत को ही घेरना शुरू कर दिया। ओली ने सीमा विवाद पर भी भारत पर निशाना साधा। हालांकि, चीन द्वारा सीमा कब्जाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने अब तक चुप्पी साध रखी है।

पीएम ओली के इस्तीफे की मांगों के बीच चीन की राजदूत होउ यांकी ने नेपाल की राष्ट्रपति के अलावा नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माधव और झाला नाथ खनल से मुलाकात की। दोनों ने ही ओली से प्रधानमंत्री औऱ बाद में पार्टी अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देने के लिए कहा था। बताया गया है कि होउ ने ओली के विरोधी और एनसीपी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड से भी मुलाकात की इच्छा जाहिर की है।

नेपाली विदेश मंत्रालय की तरफ से मंजूर नहीं थी राष्ट्रपति और चीनी राजदूत की बैठक
नेपाली मीडिया की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीनी राजदूत होउ की राष्ट्रपति भंडारी से मुलाकात को नेपाली विदेश मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली थी और चीन ने राजनयिक स्तर पर कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ा है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति भंडारी पहले भी ओली को बचाने के लिए ऐसे किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात नकारी थी, जिससे ओली को फ्लोर टेस्ट से गुजरना पड़े।

बता दें कि आज ही नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की हाई-स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होनी है। इस कमेटी के 44 सदस्यों में से 30 पहले ही ओली से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। हालांकि, अगर ओली अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो अभी साफ नहीं है कि पार्टी उन पर किस तरह से कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि प्रचंड किसी भी तरह पार्टी को तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में दोनों नेता बीच का रास्ता निकालने पर विचार कर रहे हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 WHO से अमेरिका ने तोड़े संबंध, यूएन को दी आधिकारिक जानकारी, कोरोना पर चल रहा थी तकरार
2 चीन के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट पहुंचा उईगर समूह, मुस्लिमों के नरसंहार का लगाया आरोप
3 PoK में 18 हजार करोड़ की जलविद्युत परियोजना के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, चीनी कंपनी ने किया है पाकिस्तान से करार
ये पढ़ा क्या?
X