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चीन ने समुद्र में लॉन्च किया देश में निर्मित पहला एयरक्राफ्ट करियर, दक्षिण चीन सागर और उत्तर कोरिया विवाद के बीच नेवी ने दिखाई ताकत

इस विमानवाहक पोत की क्षमता 50 हजार टन है और इस चीन के शेनयांग J-15 फाइटर जेट्स उड़ान भर सकते हैं।

Aircraft carrier, China's first domestically built aircraft carrier, China built its first domestic aircraft carrier, China launched its aircraft carrier, launching ceremony Dalian, South china sea, North Korea-America tensions, North Korea missile programme, North Korea Nuclear programme, China's aircraft carrier, Hindi news, Latest newsचीन ने बुधवार को स्वदेश निर्मित एयरक्राफ़्ट करियर समुद्र में किया लॉन्च (Photo source-Reuters)

चीन ने बुधवार (26 अप्रैल) को अपने देश में निर्मित पहले एयरक्राफ़्ट करियर को लॉन्च कर दिया है। एयरक्राफ़्ट करियर समुद्र में मौजूद रहने वाला एक गतिमान वारबेस है, एयरक्राफ़्ट करियर के जरिये लड़ाकू विमान दुश्मन पर हमला कर सकते हैं, उड़ान भर सकते हैं, ईंधन की सप्लाई कर सकते हैं। दरअसल एयरक्राफ़्ट करियर समुद्र से हमले के लिए लड़ाकू विमानों को सारी सुविधा मुहैया कराते हैं। चीन ने विमानवाहक पोत को इस मौक़े पर लॉन्च किया है जब चीन के राष्ट्रपति ने अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। यही नहीं उत्तर कोरिया के मु्द्दे पर इस पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इस विमानवाहक पोत को चीन में ही डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण उत्तर पूर्व चीन के डालियन बंदरगाह पर किया गया है। अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना इस एयरक्राफ़्ट करियर का इस्तेमाल 2020 तक नहीं कर पाएगी, क्योंकि इस विमान वाहक पोत में अभी हथियारों की तैनाती समते कई काम बाकी है। हालांकि इस एयरक्राफ़्ट करियर का प्रोप्लशन, पावर और कई दूसरे सिस्टम तैयार हैं।

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इस विमानवाहक पोत का निर्माण कर चीन ने एयरक्राफ़्ट निर्माण की अपनी घरेलू क्षमता को साबित कर दिया है। इस एयरक्राफ़्ट की लॉन्चिंग के दौरान चीन की शक्तिशाली सेन्ट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन फैन चांगलौंग मौजूद थे। हालांकि चीन की इस एयरक्राफ़्ट करियर के बारे में ज्यादा तकनीकी जानकारी मौजूद नहीं है क्योंकि चीन का ये प्रोग्राम एक गुप्त योजना के तहत चल रहा था। लेकिन सरकार ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक इस एयरक्राफ़्ट को बनाने में चीन के पहले एयरक्राफ़्ट लियोनिंग के अनुभवों का सहारा लिया गया है। इस सेकेंड हैंड एयरक्राफ्ट को चीन ने 1998 में यूक्रेन से खरीदा और उसमें जरुरी तब्दीली करने के बाद अपने लिये इस्तेमाल किया था। इस विमानवाहक पोत की क्षमता 50 हजार टन है और इस चीन के शेनयांग J-15 फाइटर जेट्स उड़ान भर सकते हैं।

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