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कोरोनाकाल में भ्रष्टाचार: एक और अफ्रीकी देश के स्वास्थ्य मंत्री पर लगे करप्शन के आरोप, सरकार ने छुट्टी पर भेजा

इससे पहले एक और अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में कोरोनावायरस टेस्ट किट की खरीदारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र जोहानेसबर्ग | Updated: June 9, 2021 6:42 PM
कोरोना की वैक्सीन लगवाते दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ज्वाई मखीजे। (फोटो- Reuters)

दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ज्वेली मखिजे को छुट्टी पर भेज दिया गया है। मखिजे पर आरोप है कि सरकारी अनुबंध में अनियमितता के जरिए एक कंपनी को 1.1 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया था। इस कंपनी का संबंध मखिजे के लिए काम करने वाले दो लोगों से है। दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चलाए जा रहे अभियान का नेतृत्व ज्वेली मखिजे ही कर रहे हैं।

राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि अनुबंध को लेकर लगे भ्रष्टाचार के मामले की जांच पारदर्शी तरीके से हो और मखिजे इसमें सहयोग करें, इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय के उनके कार्यभार से मुक्त कर छुट्टी पर भेजा जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि तब तक देश के पर्यटन मंत्री कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री का काम संभालेंगे।

इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच इकाई ने अभी तक कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन मखिजे के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अनुबंध में काफी अनियमितताएं पाईं गयीं हैं। मखिजे ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि इस अनुबंध से उन्हें निजी तौर पर कोई फायदा नहीं हुआ है।

दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने को लेकर डिजिटल वाइब्स नामक कंपनी के साथ एक अनुबंध किया गया था। मखिजे के पूर्व निजी सहायक और पूर्व प्रवक्ता इस कंपनी से जुड़े हुए हैं। ऐसे भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मखिजे के बेटे को इस अनुबंध से लाभ हुआ है। दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में जुटी हुई टीम के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं।

जिम्बाब्वे के स्वास्थ्य मंत्री भी हो चुके हैं गिरफ्तार: इससे पहले एक और अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में कोरोनावायरस टेस्ट किट की खरीदारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री ओबादिआह मोयो पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना वायरस टेस्ट किट और अन्य उपकरणों के लिए 456 करोड़ रुपये की डील में घोटाला किया। उन्हें फिलहाल जमानत पर छोड़ा गया है, हालांकि दोषी साबित होने पर उन्हें 15 साल की जेल की सजा हो सकती है।

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