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पाकिस्तान का नाम लिए बिना अमेरिकी सीनेटर ने कहा- भारत का पड़ोसी स्थिरता को चुनौतीपूर्ण बनाता है

एक रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध दुनिया के सबसे अहम संबंधों में से एक हैं और दक्षिण एशिया में स्थिरता कायम रखने के लिए जरूरी हैं

Pakistan minority, Hindu, Gaytri mantra, Karachi, Nawaz sharif, Hindu marriage bill, Secular Pakistan, Minority voilenceपाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ। (फाइल फोटो)

एक रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध दुनिया के सबसे अहम संबंधों में से एक हैं और दक्षिण एशिया में स्थिरता कायम रखने के लिए जरूरी हैं। इसके साथ ही सीनेटर ने कहा कि भारत का पड़ोसी चीजों को चुनौतीपूर्ण बनाता है।क्षेत्र में आतंकवाद से जुड़ी जानकारी और ऐसे समूहों को पाकिस्तान के मौन समर्थन की जानकारी तक सीधी पहुंच रखने वाले सीनेटर रिचर्ड बर ने ये टिप्पणियां केपिटोल विजिटर सेंटर में यूएस इंडिया फ्रेंडशिप काउंसिल और यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित गोलमेज वार्ता में कीं।

खुफिया जानकारी से जुड़ी सीनेट की चयन समिति के अध्यक्ष रिचर्ड ने कल कहा, ‘‘भारत और अमेरिका का संबंध दुनिया के सबसे अहम संबंधों में से एक है। क्षेत्र की स्थिरता के लिए यह बेहद जरूरी है। और मैं इसे कूटनीतिक अंदाज में कैसे कहूं। भारत का पड़ोसी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ पड़ोसियों में से एक नहीं है।’’उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, ‘‘पड़ोसी चीजों को बहुत चुनौतीपूर्ण बना देता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए अपनी जनता की समृद्धि की दिशा में देखने वाली और अमेरिका के साथ दीर्घकालिक एवं विश्वसनीय संबंधों की ओर देखने वाली स्थिर सरकारों के लिए हमारे पास भारत से बेहतर सहयोगी नहीं हो सकता।’’

बता दें इससे पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर से पाकिस्तान को जोरदार फटकार लगाई। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि, ‘पाकिस्तान ना सिर्फ दुनिया की आतंक की फैक्ट्री बन गया है, बल्कि यह देश अपने अल्पसंख्यकों पर भी जुल्म ढा रहा है, और अपने देश की आबादी के एक हिस्से को अलग-थलग करके रखा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पीओके का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘हमारे राज्य के भूभाग का एक हिस्सा अभी भी पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में हैं।’

हर बार कि तरह पाकिस्तान हर बार दुनिया के सामने मानवाधिकारों का मामला यूएन में उठाता है। पिछली बार भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ‘ एक बार फिर से पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने मानव अधिकार परिषद का गलत इस्तेमाल करने का विचार किया है, पाकिस्तान की कोशिश की है कि, जम्मू कश्मीर के आतंरिक मामलों की बेबुनियाद और झूठे संदर्भ दुनिया के सामने रखे जाएं।’ भारत ने विश्व बिरादरी को बताया कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से आतंकवादियों को लगातार समर्थन, भारत के लिए अपने नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा करने में मुख्य चुनौती बना हुआ है।

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