अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि कि अगर ईरान, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को परमाणु जांच की इजाजत नहीं देता है तो वे तेहरान के साथ बातचीत कैंसिल कर देंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चल रही बातचीत के दौरान तेहरान ने जांच की मंजूरी देने का भरोसा दिया है। इसके पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम की जांच के लिए सहमत हो गया है, जिसे तेहरान ने गलत बताया गया था।
पेंसिल्वेनिया में मीडिया ने जब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा जांच एजेंसी की जांचकर्ताओं की तैनाती को लेकर सवाल पूछा तो ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान सैद्धांतिक रूप से पहले ही सहमत हो चुका है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर बताया है और हमारे पास निरीक्षण के लिए 100 प्रतिशत पक्की बात है।
निरीक्षणों की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उचित समय पर। कोई जल्दी नहीं है, लेकिन वे उचित समय पर मौके पर मौजूद होंगे। उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और संकेत दिया कि तेहरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे चल रहे हैं । उन्हें बुरी तरह से हरा दिया गया है, और हम उनके साथ एक समझौता कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह सब कैसे आगे बढ़ता है।
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलमार्ग खुलने के बाद एक दिन 1.9 करोड़ बैरल तेल होर्मुज से गुजर चुका है। उनके इस बयान ने वैश्विक तेल बाजार में नई हलचल मचाई है। ट्रंप ने कहा है कि कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं और तेल आपूर्ति सहज होती जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि कल होर्मुज जलमार्ग से रिकॉर्ड 19 मिलियन बैरल तेल का प्रवाह हुआ। ट्रंप का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। इस भारी आपूर्ति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं
ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अपने प्रशासन के रुख को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि ईरान रणनीतिक रूप से कमजोर स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि हमने ईरान को ऐसी स्थिति में डाल दिया है जो पहले कभी किसी के पास नहीं थी। यह काम अन्य राष्ट्रपतियों को 47 वर्षों पहले ही कर देना चाहिए था। और हमने ईरान को ऐसी स्थिति में डाल दिया है जहां उसकी सेना पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उसका नेतृत्व पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उसका रडार सिस्टम भी नष्ट हो चुका है। ट्रंप ने कहा कि किसी भी संभावित आर्थिक समझौते में ईरान के भीतर मानवीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
अमेरिकी संसद से डोनाल्ड ट्रंप को झटका, ईरान युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव पारित
अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार (स्थानीय समय) को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के साथ संघर्ष से अमेरिकी सैन्य बलों को हटाने का निर्देश दिया गया। यह प्रशासन के सैन्य अधिकार की एक दुर्लभ द्विदलीय आलोचना है और क्षेत्र में संभावित तनाव बढ़ने को लेकर कांग्रेस में चिंताओं का संकेत है। पढ़ें पूरी खबर।
