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पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह दे, ये अमेरिका नहीं करेगा बर्दाश्त : निक्की हेली

हेली ने कहा कि अफगानिस्तान और समूचे दक्षिण एशिया में अमेरिका का हित आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाह को नष्ट करने में है जिसने अमेरिका के लिए खतरा पैदा किया।

Author वाशिंगटन | November 2, 2017 7:53 AM
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली। (Source: PTI)

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की दूत निक्की हेली ने कहा है कि वाशिंगटन ये बर्दाश्त नहीं करेगा कि पाक आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया कराए। साथ ही, उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने के लिए भारत के साथ गठजोड़ किए जाने का भी समर्थन किया है। हेली ने भारतीय अमेरिकी मैत्री परिष्द के 20 वें सालाना विधायी सम्मेलन के मुख्य भाषण में न्यूयॉर्क में हुए आतंकी हमले की भी सख्त निंदा की, जिसमें आठ लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हाल ही में एक नई रणनीति पर काम शुरू किया है।

हेली ने कहा कि उस रणनीति की एक मुख्य बात भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी का विकास करना है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और समूचे दक्षिण एशिया में अमेरिका का हित आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाह को नष्ट करने में है जिसने अमेरिका के लिए खतरा पैदा किया। साथ ही परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों से दूर भी रखना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन लक्ष्यों पर आगे बढ़ने के लिए अपनी राष्ट्रीय शक्ति के सारे तत्वों, आर्थिक कूटनीति और सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा। साथ ही हम भारत के साथ अपनी आर्थिक और सुरक्षा साझेदारी पर गौर करेंगे ताकि हमें मदद मिल सके।

उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि भारत अफगानिस्तान में और अधिक कार्य करेगा, खासतौर पर आर्थिक और विकास सहयोग में। अमेरिका पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंधों को अलग तरह से देख रहा है। कई मामलों में पाकिस्तान अमेरिका का साझेदार रहा है लेकिन हम अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाह देने वाली इसकी सरकार या किसी अन्य सरकार को बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम अतीत की तुलना में कहीं अधिक सख्त तरीके से पाकिस्तान को यह संदेश दे रहे हैं। हेली ने कहा कि अमेरिका बदलाव की उम्मीद करता है।

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध की अहमियत को न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति कायम रखने के संदर्भ में भी देख रहा है। जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बैठक सफल रही थी।
उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से एक परमाणु शक्ति है। इसमें किसी को दो राय नहीं होना चाहिए। ऐसा क्यों है? क्योंकि भारत एक ऐसा लोकतंत्र है जिससे किसी को खतरा नहीं है। हमारा लक्ष्य भारत और अमेरिका के बीच एक नई रणनीतिक साझेदारी बनाना है, जो हमारे दोनों राष्ट्रों की सुरक्षा एवं समृद्धि को फायदा पहुंचाए।

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