इंडो पेसिफिक क्षेत्र को लेकर हुए त्रिकोणीय रक्षा समझौते में भारत, जापान को साथ नहीं लेगा अमेरिका

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को यही संदेश दिया है कि हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए बनाए गठबंधन में किसी अन्य देश को शामिल नहीं किया जाएगा।

AUKUS, SUBMARINE
13 सितंबर, 2021 को ज्वाइंट बेस पर्ल हार्बर-हिकम में लौटती वर्जीनिया-क्लास फास्ट-अटैक पनडुब्बी यूएसएस इलिनोइस (एसएसएन 786)। (एपी फोटो)

अमेरिका ने हाल में हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया तथा ब्रिटेन के साथ मिलकर बनाए त्रिपक्षीय गठबंधन ‘ऑकस’ (AUKUS) में भारत या जापान को शामिल किए जाने की संभावना को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बुधवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले हफ्ते ऑकस की घोषणा केवल सांकेतिक नहीं थी और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को यही संदेश दिया है कि हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए बनाए गठबंधन में किसी अन्य देश को शामिल नहीं किया जाएगा।

साकी से सवाल किया गया था कि क्या भारत या जापान को इस गठबंधन में शामिल किया जाएगा, जिसके जवाब में उन्होंने उक्त जवाब दिया। अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के लिए नए त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन ‘ऑकस’ (AUKUS) की 15 सितंबर को घोषणा की थी, ताकि वे अपने साझा हितों की रक्षा कर सकें और परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बियां हासिल करने में ऑस्ट्रेलिया की मदद करने समेत रक्षा क्षमताओं को बेहतर तरीके से साझा कर सकें।

इस समझौते के कारण उसने फ्रांस के साथ अनुबंध रद्द कर दिया है। फ्रांस ने गठबंधन में उसको शामिल ना करने की आलोचना की थी और कहा था कि जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है तो यह सुसंगतता की कमी को दर्शाता है। साकी ने कहा, ‘‘ यकीनन, इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष रुचि रखने वाले फ्रांस समेत कई देशों के साथ बातचीत के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है।’’

15 सितंबर को हुई नए त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन ‘ऑकस’ (AUKUS) की घोषणा के पीछे चीन का एशिया में बढ़ता प्रभुत्व वजह है। वह अपना दबदबा बढ़ाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रहा है। पूरी दुनिया उसके मंसूबों से वाकिफ है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के इस बढ़ते प्रभाव से चिंतित अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर एक त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन ‘AUKUS’ पर हस्ताक्षर किया है। इससे इस क्षेत्र में चीन की बढ़ते दबदबे को चुनौती दी जा सकेगी।

गठबंधन पर तीनों देशों ने दस्तखत करने के कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी जानकारी दी थी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को AUKUS पर हस्ताक्षर से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी को फोन करके इस बात की जानकारी दी थी।

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