ताज़ा खबर
 

अमेरिका ने भारत को बताया, H1-B वीजा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान बताया कि भारत ने अमेरिका में नए प्रशासन के साथ वीजा नीति संबंधी अपनी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया है।

Author March 20, 2017 2:14 PM
USA Kansas killing, new york times Trump, new york times vs Donald trumpअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Source: AP Photo)

नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने भारत को बताया है कि एच।बी वीजा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और अमेरिका की मौजूदा प्राथमिकता अवैध प्रवासियों से निपटने की है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान बताया कि भारत ने अमेरिका में नए प्रशासन के साथ वीजा नीति संबंधी अपनी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया है। हालांकि एच।बी वीजा व्यवस्था में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। उन्होंने बताया, ‘‘ वर्ष 2017 के लिए इस प्रकार की आशंकाएं सही साबित नहीं हुई हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनकी मौजूदा प्राथमिकता अवैध प्रवासियों से निपटने की है।’’

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सीतारमण ने कहा कि बॉब गॉडलाते की अगुवाई में भारत यात्रा पर आए एक कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष भी वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में इस मुद्दे को उठाया था और मार्च 2017 के पहले सप्ताह के दौरान अमेरिकी वाणिज्य और विदेश सचिव की यात्रा के समय भी इस मुद्दे को रखा गया। उन्होंने बताया कि भारत ने वीजा मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में रहने का फैसला किया है और दोनों पक्षों ने पेशेवरों की आवाजाही बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया है।

सीतारमण ने बताया कि विभिन्न औद्योगिक निकायों ने अमेरिका की वीजा नीतियों पर अपनी चिंता जाहिर की थी और सरकार ने इन चिंताओं से अमेरिकी प्रशासन को अवगत कराया है। मंत्री ने बताया कि अमेरिका 73 देशों की नीतियों की निगरानी करता है और भारत उनमें से एक हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन किसी भी देश द्वारा हमारी निगरानी को मान्यता नहीं दी जा सकती। एकतरफा निगरानी भारत को स्वीकार्य नहीं है।’’

डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से ही एच1बी वीजा को लेकर तमाम तरह की अनिश्चितताएं बरकरार हैं। यह माना जा रहा है कि ट्रंप जल्द ही इस तरह के वीजा से जुड़े नियम व शर्तों को कड़ा कर सकते हैं। हर साल अमेरिका द्वारा ऐसे लगभग 65000 वीजा जारी किए जाते हैं और इसी वीजा के आधार पर हजारों भारतीय अमेरिका में गूगल या माइक्रोसॉफ्ट जैसी आईटी कंपनियों में काम करते हैं।

Next Stories
1 घृणा अपराध के विरोध में भारतीय-अमेरिकियों ने व्हाइट हाउस के सामने निकाली रैली, डोनाल्ड ट्रंप से की हस्तक्षेप की मांग
2 चीन में मिला 300 साल पुराना खजाना, सोना-चांदी सहित की हजारों सामग्रियां बरामद
3 ऑस्ट्रेलिया: भारतीय समुदाय के पादरी को चाकू मारकर कहा- तुम प्रार्थना करवाने के काबिल नहीं
कोरोना:
X