अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ज़्यादा मिलिट्री दखल से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लड़ाई के लगभग 100 दिन बाद भी ट्रंप अभी भी ईरान के साथ डील करना चाहते हैं। उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच नई तनातनी को रोकने की कोशिश भी की है।

इजरायल ने अमेरिका को नहीं दी थी हमले की जानकारी

ताज़ा तनाव रविवार को शुरू हुआ जब इजरायल ने बेरूत में हिज़्बुल्लाह से जुड़े एक टारगेट पर हमला किया। एक्सियोस के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को मिलिट्री चैनलों के ज़रिए बताया गया था, लेकिन व्हाइट हाउस को सीधे पहले से नहीं बताया गया था। इस हमले के बाद ईरान ने जवाब दिया, जिसने पहले चेतावनी दी थी। ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। कुछ इजरायली अधिकारियों को पहले लगा था कि ईरान शायद ऐसी धमकियों पर अमल न करे।

‘बीबी, तुम सावधान रहो’

वहां से हालात तेज़ी से बिगड़े, जिसमें कई राउंड के हमले और जवाबी हमले हुए। एक्सियोस को अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने रविवार शाम को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की और संयम बरतने की अपील की। ट्रंप ने एक्सियोस को एक इंटरव्यू में बताया, “मैंने कहा, “बीबी, तुम सावधान रहो, वरना तुम बहुत जल्द अकेले पड़ जाओगे।”

ट्रंप ने इशारा किया कि ईरान के साथ एक संभावित डील आगे के हमलों को गैर-जरूरी बना सकती है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार तनाव बढ़ने से इजरायल को अमेरिका का सपोर्ट नहीं मिल पाएगा। इसके बावजूद नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी हमलों का जवाब न देने से इज़रायल की स्थिति कमज़ोर होगी और गलत सिग्नल जाएगा। दोनों नेताओं के बीच कॉल इजरायल की तरफ से पीछे हटने के पक्के वादे के बिना खत्म हुई। इजरायली अधिकारियों ने बाद में अमेरिका को बताया कि वे आगे और हमले करेंगे।

इजरायल ने तेहरान में ईरान के पेट्रोकेमिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइट्स के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया। ईरान ने मिसाइलों के साथ जवाब दिया, जिसमें तेल अवीव की ओर हमले भी शामिल थे। हालांकि अमेरिकी सेना ने हमलों में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने आने वाली मिसाइलों को रोकने में इजरायल की मदद की।

ईरान से आया संदेश- ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमें फोन किया और कहा कि वे अब और हमले नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमें कॉल किया और कहा कि वे अब और हमले नहीं कर रहे हैं और हमसे इजरायल से यह कहने के लिए कहा कि वह और हमले न करे।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि इस इलाके के कई देशों के नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और इजरायल पर पीछे हटने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल सोमवार को ईरान में कई संवेदनशील जगहों को टारगेट करते हुए बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था। ट्रंप ने फिर नेतन्याहू को कॉल किया और उन्हें रुकने के लिए कहा। बातचीत के बाद नेतन्याहू इस बात पर सहमत हुए कि अगर ईरान ने हमला नहीं बढ़ाया तो वे आगे की कार्रवाई नहीं करेंगे। बाद में उन्होंने इजरायली मिलिट्री कमांडरों को प्लान किए गए हमले कैंसिल करने का निर्देश दिया।

ईरान के साथ जल्द ही हो सकती डील- ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि ईरान के साथ जल्द ही एक डील हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि इससे ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोका जा सकेगा और यूरेनियम एनरिचमेंट को रोका जा सकेगा। हालांकि ईरान के पार्लियामेंट्री स्पीकर मोहम्मद-बाघेर ग़ालिबफ़ ने उन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका की स्थिति पर कोई भरोसा नहीं है। एक्सियोस ने बताया कि पिछले दिन की घटनाओं से अमेरिका और इजरायल की प्राथमिकताओं के बीच बढ़ते मतभेदों का पता चलता है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि नेतन्याहू चाहते हैं कि देश में राजनीतिक कारणों से युद्ध जारी रहे, जबकि ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिकी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यह खत्म हो जाए।

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ईरानी सेना की संयुक्त कमान ने सोमवार को कहा कि वह अपने आक्रामक अभियानों को रोक रही है। ईरान की ओर से यह घोषणा दो महीने पहले अमेरिका द्वारा तेहरान के साथ युद्धविराम समझौता किए जाने के बाद से पहली बार इजरायल के साथ हुए संघर्ष के बाद की गई। पढ़ें पूरी खबर