अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है।हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तक अधिकांश शर्तें तय हो गई थीं। प्रस्तावित MOU का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना है।
ट्रंप प्रशासन ने कई बार कहा है कि युद्ध रोकने के लिए समझौता होने ही वाला है लेकिन ईरान ने अक्सर इन दावों को नकार दिया है। मामले से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों ने गुरुवार को तीन महीने से चल रहे युद्ध में युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए एक अस्थायी समझौते पर सहमति जताई। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के अभी भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने बाकी हैं।
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी अस्थायी समझौते की पुष्टि नहीं की
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी अस्थायी समझौते की तुरंत पुष्टि नहीं की। दोनों पक्षों द्वारा किया गया यह अस्थायी समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम डगमगाता नजर आ रहा है। गुरुवार को अमेरिकी सेना ने ईरान पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यह घटनाक्रम बुधवार देर रात वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा यह कहे जाने के बाद सामने आया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर और हमले किए। वाशिंगटन और तेहरान ने बार-बार एक दूसरे पर युद्धविराम का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं लेकिन वे बातचीत जारी रखे हुए हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उनका प्रशासन वार्ता में प्रगति कर रहा है।
अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर लगाते हैं युद्धविराम के आरोप
अमेरिकी बलों ने ईरान की तरफ से दागे गए ड्रोन को नष्ट करने के बाद बुधवार को तेहरान के एक सैन्य अड्डे पर फिर से रक्षात्मक कार्रवाई की।अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका की सेंट्रल कमान के बलों ने ईरान की ओर से बिना उकसावे के दागे चार ड्रोन को नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इनसे होर्मुज जलडमरूमध्य को खतरा माना जा रहा था। उन्होंने बताया कि अमेरिका के बलों ने बंदर अब्बास में ईरान के उस अड्डे पर भी हमला किया, जहां से पांचवां ड्रोन दागने की तैयारी की जा रही थी।
यह हमला बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान आखिरी सांसें गिन रहा है। कैबिनेट बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि हम समझौते के करीब हैं। पिछले वीकेंड भी उन्होंने कहा था कि उनका प्रशासन और ईरान काफी हद तक किसी समाधान पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, बातचीत अब भी अधर में है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बावजूद वह जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेंगे।
होर्मुज पर नहीं हो सकता किसी का कंट्रोल- डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलमार्ग सभी के लिए खुला रहेगा। साथ ही यह भी कहा कि ईरान के साथ हुए किसी भी समझौते के तहत किसी भी देश का इस पर नियंत्रण नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
