ताज़ा खबर
 

जाधव विवाद: अमेरिकी NSA पहुंचे पाकिस्तान, भारत आकर मोदी, डोभाल और विदेश सचिव जयशंकर से मिलेंगे

कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका भी कूद पड़ा है।

Author नई दिल्ली | April 18, 2017 1:43 AM
kulbhushan jadhav, kulbhushan jadhav case, Kulbhushan Jadhav in Pakistan, Pak authority, rajnath singh, rajnath singh news, rajnath singh parliament, kulbhushan death, kulbhushan jadhav issue, kulbhushan jadhav latest updates, parliament news, parliament, Kulbhushan Jadhav case judgement, latest news updates shakti • 9 minsवीडियो से निकाली गई कुलभूषण जाधव की तस्वीर।

दीपक रस्तोगी

कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका भी कूद पड़ा है। अफगानिस्तान के नांगरहार में बड़ा बम गिराए जाने के बाद वहां भेजे गए अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर बगैर पूर्व सूचना के पाकिस्तान पहुंचे हैं। वहां उन्होंने पाकिस्तानी प्रशासन को स्पष्ट कहा है कि कोई भी छद्म रवैया नहीं अपनाएं, जिससे उपमहाद्वीप की शांति खतरे में पड़े। वहां का दौरा निपटाकर मैकमास्टर भारत आएंगे। यहां विदेश मंत्रालय के अधिकारी मैकमास्टर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री अरुण जेटली के साथ विस्तृत मुलाकात का कार्यक्रम तय करने में जुटे हैं।
जाधव मामले में भारत राजनयिक तौर पर अमेरिका को साथ लेने की कोशिश कर रहा था। यह कोशिश मैकमास्टर के दौरे के रूप में सामने आई है। भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों के मामले में बाकी  मैकमास्टर मध्यस्थता का एजंडा लेकर पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के भारतीय रुख को अमेरिकी प्रशासन समर्थन दे रहा है। मैकमास्टर और उनके साथ आ रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल अमेरिकी प्रशासन में दक्षिण एशिया मामलों की वरिष्ठ निदेशक लीजा कर्टिस को साथ लेने में भारतीय कूटनीतिक सफल रहे हैं। कर्टिस को जनरल मैकमास्टर की व्यक्तिगत पसंद माना जाना है, जो इस बात की प्रबल समर्थक हैं कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका को पाकिस्तान को अपने सहयोगी के तौर पर देखना बंद करना चाहिए और आतंकवादी समूहों के खिलाफ भविष्य में दी जाने वाली किसी भी सैन्य मदद पर शर्त लगानी चाहिए।

विदेश मंत्रालय में सचिव स्तरीय एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘मैकमास्टर के साथ हमारी बातचीत दक्षिण एशिया में शांति पर खतरे के बारे में होगी। एक देश शांति के लिए खतरा बना हुआ है और विश्व बिरादरी का ध्यान बांटने के लिए नए पैंतरे अपनाता है।’ उस अधिकारी के अनुसार, कुलभूषण जाधव का मामला ऐसा ही है, जिसकी आड़ में पाकिस्तान आतंकवाद के एजंडे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की अचानक यात्रा पर पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर ने वहां प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नासेर खान जंजुआ और विदेश विभाग के अधिकारी सैयद तारीक फातमी के साथ मुलाकात की है। मैकमास्टर के साथ पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डेविड हैले, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अमेरिकी प्रतिनिधि लॉरेल मिलर, अमेरिकी प्रशासन में दक्षिण एशिया मामलों की वरिष्ठ निदेशक लीजा कर्टिस और पाकिस्तान मामलों के निदेशक जे वाइज भी पहुंचे हैं।  फौरी तौर पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने नवाज शरीफ और उनके सलाहकारों से यह भरोसा लिया है कि ‘भारत और अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंध बेहतर करने के लिए और दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पाकिस्तान अपनी ओर से पहल करेगा।’ मैकमास्टर की पाकिस्तान यात्रा पर भारतीय कूटनीतिकों ने निगाहें गड़ा रखी हैं। यहां से विदेश विभाग के अधिकारी मैकमास्टर और उनके सलाहकारों के नियमित संपर्क में हैं। 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा राष्ट्रपति पद संभालने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी टेलीफोन पर दो बार बातचीत, अजित डोभाल और एस. जयशंकर की अमेरिका की यात्राओं से भारत और अमेरिका के बीच आपसी समझ मजबूत हुई है।

 

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 कुलभूषण जाधव के मुद्दे से हटकर अस्ताना में हो सकती है नरेन्द्र मोदी और नवाज शरीफ की मुलाकात: पाक मीडिया
2 स्‍नैपचैट सीईओ के बाद अब उनकी मंगेतर पर भारतीय यूजर्स साध रहे निशाना, इंस्‍टाग्राम पर ट्रोल हुईं मिरांडा केर
3 पेंस ने उत्तर कोरिया को दी चेतावनी, कहा- खत्म हुआ रणनीतिक धैर्य
यह पढ़ा क्या?
X