अमेरिका के चर्चित वाशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस संवाददाताओं के लिए डिनर आयोजित किया गया था। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हुए। इस बीच गोलियां चलने की खबर आई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिस टेबल पर राष्ट्रपति ट्रंप बैठे थे, उसी के पास गोलियां चली हैं। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। आज से करीब 45 साल पहले 30 मार्च 1981 को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर भी इसी होटल के बाहर हमला हुआ था।
रोनाल्ड रीगन पर चली थी गोलियां
रोनाल्ड रीगन पर भी गोलियां बरसाई गई थी। हालांकि उनकी जान बच गई थी। एक गोली तो उनके दिल को छूते हुए निकल गई थी। उस दौरान भी चर्चा में वॉशिंगटन का हिल्टन होटल था। रोनाल्ड रीगन एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद होटल के बाहर खड़ी अपनी लिमोजिन में बैठने ही वाले थे कि तभी हमला हो गया था। इस हमले में प्रेस सचिव को भी गोली लगी थी। वहीं एक सीक्रेट सर्विस का एजेंट भी घायल हुआ था। घटना के तुरंत बाद तत्कालीन अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनका इलाज हुआ।
क्यों हुआ था हमला?
रोनाल्ड रीगन पर फायरिंग करने वाला हमलावर अभिनेत्री जोडी फोस्टर का दीवाना था। आरोपी का नाम जॉन हिंकले था। रिपोर्ट्स के अनुसार गोली चलाने वाले का मानना था कि अगर वह राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की हत्या कर देता है तो वह अभिनेत्री का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है और प्रभावित कर सकता है। फायरिंग में रोनाल्ड रीगन को सीधे गोली नहीं लगी थी। बल्कि लिमोजिन के दरवाजे पर टकराकर गली उनके फेफड़ों में जा धंसी थी।
12 दिन अस्पताल में भर्ती थे रीगन
हमले के बाद रीगन करीब 12 दिन अस्पताल में भर्ती रहे और ठीक हो गए। इस हमले के बाद जून 1982 में अदालत ने आरोपी को निर्दोष करार दे दिया और उसे मानसिक मरीज बताया। इसके बाद आरोपी को मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया गया था।
सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप मामले में एक संदिग्ध हमलावर को मौके पर ही मार दिया है। इस घटना को अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में एक बड़ी सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी ट्रंप पर फायरिंग की कोशिश हो चुकी है। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी।
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