ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी के समर्थन में अमेरिका, कहा- शांति के लिए भारतीय पीएम के प्रयासों का समर्थन करे पाकिस्‍तान

अमेरिका रक्षा सचिव ने कहा कि कहा कि यही वक्त है जब सभी पक्ष एक साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उन सभी लोगों का समर्थन करें।

james mattisअमेरिका रक्षा सचिव जेम्स मैटिस। (AP Photo/file)

अमेरिका के रक्षा सचिव जेम्स मैटिस ने मंगलवार को एक बयान में कहा है कि “पाकिस्तान को अब तालिबान के साथ बातचीत में ‘वास्तविक भूमिका’ निभानी चाहिए। साथ ही पाकिस्तान को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उन सभी लोगों का भी समर्थन करना चाहिए, जो दक्षिण एशिया में शांति लाना चाहते हैं।” इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को एक पत्र लिखा था। रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इस पत्र में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में शांति कायम करने के लिए ‘पूरा समर्थन’ देने की अपील की। इसके साथ ही ट्रंप ने अमेरिका के अपने प्रतिनिधि जालमे खलीलजाद की आगामी यात्रा को भी समर्थन देने की बात कही।

अमेरिकी रक्षा सचिव जेम्स मैटिस ने भी डोनाल्ड ट्रंप के स्टैंड को दोहराते हुए कहा कि यही वक्त है जब सभी पक्ष एक साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उन सभी लोगों का समर्थन करें, जो शांति कायम करना चाहते हैं और इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाना चाहते हैं। पीटीआई के अनुसार, मैटिस ने कहा कि हम सही दिशा में हैं और कूटनीतिक तौर इस मसले को सुलझाया जाना चाहिए। हम अफगानिस्तान के लोगों की रक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।

बता दें कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध थोड़े तनावपूर्ण चल रहे हैं। दोनों देशों के रिश्तों में यह तनाव डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता पर काबिज होने के बाद से ज्यादा बढ़ा है। बीते माह ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका के लिए कुछ भी नहीं किया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने अल-कायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन को अपने शहर एबटाबाद में छिपाने में मदद की। सितंबर में अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 300 मिलियन डॉलर की सहायता भी कैंसिल कर दी थी। अमेरिका ने यह मदद हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के चलते रोकी थी। अमेरिका का कहना है कि तालिबानी, पाकिस्तान की धरती से ऑपरेट कर रहे हैं और पाकिस्तान द्वारा इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ट्रंप प्रशासन ने हाल के महीनों में अफगानिस्तान में कई बार समझौते की कोशिश की है। अमेरिका बीते कई सालों से अफगानिस्तान युद्ध में फंसा हुआ है। इस युद्ध में अमेरिका साल 2001 से अब तक अपने 2400 सैनिक गंवाने के साथ ही खरबों डॉलर खर्च कर चुका है। अमेरिका ने 9/11 के हमले के बाद अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया था। लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी अमेरिका, अफगानिस्तान में शांति नहीं ला पा रहा है। इस लड़ाई में पाकिस्तान, अमेरिका का साथी रहा है, जिसके बदले में अमेरिका हर साल करोड़ों डॉलर की मदद पाकिस्तान को देता रहा। लेकिन अब अमेरिका का पाकिस्तान के साथ मोहभंग हो गया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 फिलीपींस के राष्‍ट्रपति बोले- जागते रहने के लिए लेता हूं गांजा, फिर बोले- मजाक था भई
2 कोर्ट में अर्जी देकर कहा ‘मेरी उम्र 20 साल घटा दें’, अदालत ने दिया यह जवाब
3 इमरान ने अपनी मंत्री का बयान खारिज किया, बोले- करतारपुर गलियारा खोलना गुगली नहीं
ये पढ़ा क्या ?
X