scorecardresearch

आखिर चार साल बाद पाकिस्तान के लिए पिघला यूएस, आतंक से जंग के नाम पर बाइडेन एडमिनिस्‍ट्रेशन ने दी 450 मिलियन डॉलर की F-16 डील को मंजूरी

F16 Fighter Jet: अमेरिकी संसद की ओर से जारी नोटिफ‍िकेशन में कहा गया है कि इस डील में क‍िसी नई क्षमता या हथियार को शामिल नहीं किया गया है। संसद ने कहा कि पाकिस्‍तान ने F-16 बेड़े को जीवनदान देने के लिए अनुरोध किया था।

आखिर चार साल बाद पाकिस्तान के लिए पिघला यूएस, आतंक से जंग के नाम पर बाइडेन एडमिनिस्‍ट्रेशन ने दी 450 मिलियन डॉलर की F-16 डील को मंजूरी
F-16 फाइटर जेट (Photo Source- Twitter/@Reuters)

F-16 Fighter Jet: यूएस ने F-16 लड़ाकू जेट बेड़े के रखरखाव के लिए पाकिस्तान को 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर (3600 करोड़ रुपये) की सहायता की मंजूरी दी है। बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को पलटते हुए पाकिस्‍तान को F-16 फाइटर जेट के लिए 45 करोड़ डॉलर के उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बारे में जानकारी दी है।

अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को यह वित्तीय मदद इसलिए दी जा रही है ताकि वह वर्तमान और भविष्य में आतंकवाद रोधी खतरों से निपट सकें। पिछले चार सालों में इस्लामाबाद को दी जा रही यह सबसे बड़ी सुरक्षा सहायता है। माना जाता है कि F-16 फाइटर जेट की मदद से ही पाकिस्‍तान ने भारत के मिग-21 व‍िमान को मार गिराया था।

आतंक से जंग के नाम पर दिया तोहफा: व‍िश्‍लेषकों का मानना है कि अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी पर हमले में मदद करने के बाद अमेरिका ने पाकिस्‍तान को यह तोहफा दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्‍होंने पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए संभावित विदेश सैन्य बिक्री को मंजूरी देने का फैसला लिया है ताकि पाकिस्तानी वायु सेना को वर्तमान और भविष्य में आतंकवाद के खतरों से निपटने की क्षमता बनाए रखने में मदद मिल सके। पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण आतंकवादी रोधी सहयोगी है।

पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी अभियान में सहयोग: अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान का F-16 कार्यक्रम अमेरिका-पाकिस्तान वृहद द्विपक्षीय संबंधों का एक अहम हिस्सा है। इससे पाकिस्तान की वायु सेना के F-16 कार्यक्रम को बनाए रखा जा सके। F-16 बेड़े से पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी अभियान में सहयोग मिलेगा। हम पाकिस्तान से सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने की उम्मीद करते हैं।’’

2018 में ट्रंप ने रोक दी थी सभी रक्षा और सुरक्षा सहायता: साल 2018 में ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को सभी रक्षा और सुरक्षा सहायता को रोकने की घोषणा करने के बाद पाकिस्तान को दी गई यह पहली बड़ी सुरक्षा सहायता है। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने 2018 में आतंकवादी संगठनों अफगान तालिबान तथा हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई करने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को दी जाने वाली करीब दो अरब डॉलर की वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी।

पढें अंतरराष्ट्रीय (International News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 08-09-2022 at 02:59:58 pm
अपडेट