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परवेज मुशर्रफ ने बलूच अलगाववादियों पर कहा- पाकिस्तान का झंडा जलाने वालों के टुकड़े कर देने चाहिए

भारत द्वारा पाकिस्तान में होने वाले दक्षेस सम्मेलन के बहिष्कार पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ ने जताया दुख।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की फाइल फोटो।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक भारतीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि है बलूचिस्तान को अलग देश बनाने की मांग करने वाले बलूच नेता भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के हाथों की कठपुतली हैं। बलूचिस्तान में रहकर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वालों पर मुशर्रफ ने कहा, “जो लोग पाकिस्तान में रहकर  पाकिस्तान का झंडा जलाते हैं और राष्ट्रविरोधी नारे लगाते हैं उनके टुकड़े कर देने चाहिए।” उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान में होने वाले दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) सम्मेलन का बहिष्कार करने पर भी दुख जताया है। भारत के फैसले के बाद बांग्लादेश, अफगानिस्तान और भूटान ने भी दक्षेस सम्मेलन के बहिष्कार का संकेत दिया है। मुशर्रफ ने कहा कि भारत इन देशों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उन्हें दक्षेस सम्मेलन से बाहर करवा रहा है।

मुशर्रफ ने टीवी चैनल इंडिया टूडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत उरी हमले को राजनीतिक स्तर पर बढ़ा रहा है। वहीं संयुक्त राष्ट्र की सालाना आम बैठक में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान को मुशर्रफ ने ‘कॉस्मेटिक बताया।’ जम्मू-कश्मीर के उरी में चार पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 18 भारतीय जवान मारे गए थे। एक घायल जवान की बाद में मौत हो गई थी। मुशर्रफ ने चैनल से कहा कि ऐसे गंभीर मसलों पर भावनाओं से काम नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा “घटना के 12 घंटे के अंदर इसके लिए पाकिस्तान पर दोष मढ़ा जाने लगा। न केवल पाकिस्तान बल्कि पाकिस्तान सरकार और सेना को भी जिम्मेदार ठहराया जाने लगा।” मुशर्रफ ने कहा कि वो भारत की बुराई करते रहने में यकीन नहीं करते।

भारत द्वारा दोनों देशों के बीच के ‘सिंधु नदी जल बटवारा समझौते’ को रद्द करने की चर्चाओं पर मुशर्रफ ने कहा, “पाकिस्तान का पानी बंद करना संघर्ष को अस्वीकार्य स्तर तक बढ़ा देगा। अगर भारत ऐसा करता है तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा।” भारत ने अभी तक आधिकारिक स्तर पर इस समझौते को रद्द करने का फैसला नहीं किया है। भारत ने इन समझौते के तहत आने वाली नदी के पानी के पूर्ण उपयोग की मंशा जाहिर की है।

अलगाववादी बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती से जुड़े एक सवाल के जवाब में मुशर्रफ ने कहा कि उनकी उन्हीं के समुदाय में कोई पहचान नहीं है। मुशर्रफ ने कहा कि यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों बुगती द्वारा उपलब्ध कराई गई गलत जानकारी के आधार पर उनका समर्थन करते हैं।

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