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एयर एशिया: अब तक 7 शव मिले, खराब मौसम की वजह से रुका अभियान

इंडोनेशिया के जावा सागर में गिरे एअर एशिया के विमान का मलबा और यात्रियों के शव तेज लहरों की वजह से आगे बह गए हैं। खराब मौसम की वजह से और शवों को अभी नहीं निकाला जा सका है। इंडोनेशिया की तलाशी व बचाव एजंसी के प्रमुख बाम्बांग सोएलिस्तयो ने कहा कि भारी बारिश, हवाओं […]
Author January 1, 2015 12:33 pm
जावा सागर में दुर्घटनाग्रस्त एअर एशिया के विमान से अब सात शव निकाले जा चुके हैं।

इंडोनेशिया के जावा सागर में गिरे एअर एशिया के विमान का मलबा और यात्रियों के शव तेज लहरों की वजह से आगे बह गए हैं। खराब मौसम की वजह से और शवों को अभी नहीं निकाला जा सका है।

इंडोनेशिया की तलाशी व बचाव एजंसी के प्रमुख बाम्बांग सोएलिस्तयो ने कहा कि भारी बारिश, हवाओं और घने बादलों की वजह से अभियान बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक सात शव बरामद किए गए हैं। इनमें एक शव विमान की एक परिचारिका का है जिसने एअरएशिया की वर्दी पहनी हुई थी।

शवों और विमान के ब्लैक बॉक्स की तलाश के लिए गोताखोरों को तैनात किया जाना था, लेकिन भारी बारिश, तेज हवाओं और तीन मीटर ऊंची लहरों की वजह से अभियान फिलहाल टाल दिया गया है।

सोनार तस्वीरों से विमान के बड़े हिस्सों की पहचान की गई है, लेकिन तेज लहरों से मलबा आगे बहता जा रहा है। बोर्नो द्वीप के पांगकालां बुन में तलाशी अभियान के समन्वयक वाइस एअर मार्शल सुनारबोवो सांडी ने कहा-‘ऐसा लगता है कि मंगलवार को जहां थोड़ा मलबा पाया गया था, वहां से और मलबा अब 50 किलोमीटर से ज्यादा बह गया। हमें उम्मीद है कि शव तटों पर जाकर रुक जाएंगे।’

विमान के मलबे से मिले पहले दो शवों को सुराबाया पहुंचाया गया है जहां मृतकों के परिजन इंतजार कर रहे हैं। पीड़ितों की शिनाख्त में मदद के लिए परिजनों से डीएनए के नमूने देने को कहा गया है। विमान के लापता होने के लगभग तीन दिन बाद मंगलवार को इसका मलबा पांगकालां बुन के पास कारीमाटा जलडमरू मध्य में पाया गया था। बचावकर्ताओं ने कई शवों को समुद्र में बहते देखा था जिसके बाद उन्हें बरामद करने के लिए कोशिशें शुरू की गईं। सोएलिस्तयो ने कहा-‘हम प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल मौसम खराब है। ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज बारिश हो रही है। मौसम में सुधार होने की स्थिति में हर पहलू से आगे बढ़ने की तैयारी है।’ उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसम साफ हो जाएगा तो शवों को पांगकालां बुन लाया जाएगा।

त्रासदी के शिकार हुए विमान पर सवार लोगों के रिश्तेदार समुद्र में बहते शवों की तस्वीरें देख कर फूट-फूट कर रोने लगे। विमान में 155 यात्री थे जिसमें ब्रिटेन, मलेशिया और सिंगापुर का एक-एक, दक्षिण कोरिया के तीन और इंडोनेशिया के 149 नागरिक थे। चालक दल के सात सदस्यों में छह इंडोनेशिया के और सह पायलट फ्रांस का नागरिक था।

इस बीच सिंगापुर के राष्ट्रपति टोनी टैन केंग यैम और प्रधानमंत्री ली शियेन लूंग ने बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोडो को पत्र लिख कर इस हादसे पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। टैन ने पत्र में लिखा-‘इंडोनेशिया के एअर एशिया उड़ान क्यूजेड8501 के दुर्घटनाग्रस्त होने और इतने सारे लोगों के दुखद निधन के बारे में जान कर मुझे दुख हुआ। सिंगापुर के लोगों की ओर से मैं अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति दिल से संवेदनाएं प्रकट करता हूं।’ उन्होंने कहा-‘सिंगापुर इस समय जारी राहत एवं बचाव कार्यों में इंडोनेशिया के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। करीबी पड़ोसियों और भागीदारों के तौर पर सिंगापुर और इंडोनेशिया पूर्व में संकट के समय साथ खड़े रहे हैं और मुझे यकीन है कि हम इस मुश्किल घड़ी में एक दूसरे को सहयोग देना जारी रखेंगे।’

प्रधानमंत्री ली ने भी देश की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं और कहा कि सिंगापुर बचाव अभियान में इंडोनेशिया के साथ करीब से काम करेगा। उन्होंने कहा-‘इंडानेशिया के एअर एशिया उड़ान क्यूजेड-8501 के 28 दिसंबर, 2014 को दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में जानकर मैं स्तब्ध और दुखी हुआ। सरकार और सिंगापुर के लोगों की ओर से मैं इस त्रासदी पर हमारी गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं।’ ली ने कहा-‘हम बरामदगी अभियान में इंडानेशिया के साथ करीब से काम करना जारी रखेंगे और जरूरी मदद उपलब्ध कराएंगे।’

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  1. Rekha Parmar
    Jan 1, 2015 at 1:13 pm
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    1. Rekha Parmar
      Jan 1, 2015 at 1:12 pm
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