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एयरएशिया जेट Qz8501: ब्लैक बॉक्स बरामद, सुराग तलाशने के लिए होगी जांच

गोताखोरों ने दो हफ्ते पहले जावा सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयरएशिया जेट के मलबे से कॉकपिट वायस रिकॉर्डर निकाल लिया है। विशेषज्ञ अब इस अहम ब्लैक बॉक्स रिकार्डर की जांच करेंगे जिससे पता चलेगा कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे क्या कारण था। हादसे में विमान पर सवार सभी 162 लोगों की मौत हो […]

Author January 13, 2015 4:34 PM
एयरएशिया के विमान का वॉइस रिकॉर्डर बरामद (फोटो: एपी)

गोताखोरों ने दो हफ्ते पहले जावा सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयरएशिया जेट के मलबे से कॉकपिट वायस रिकॉर्डर निकाल लिया है। विशेषज्ञ अब इस अहम ब्लैक बॉक्स रिकार्डर की जांच करेंगे जिससे पता चलेगा कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे क्या कारण था। हादसे में विमान पर सवार सभी 162 लोगों की मौत हो गयी थी।

कॉकपिट वायस रिकार्डर में पायलट और वायु यातायात नियंत्रक के बीच के अंतिम दो घंटे का संवाद दर्ज होेगा। यह रिकार्डर उस जगह के करीब ही मिला जहां से कल विमान का डाटा रिकॉर्डर बरामद किया गया था।

परिवहन मंत्रालय के नौवहन निदेशक तोनी बुदियोनो ने बताया कि विमान के पंख के भारी मलबे के करीब 30 मीटर नीचे से इसे आज सुबह निकाला गया।
इंडोनेशियाई अधिकारियों को अब उम्मीद है कि 28 दिसंबर को समुद्र में गिर गए एयरबस 320-200 की रहस्यमयी दुर्घटना की गुत्थियां सुलझाई जा सकेंगी।

पिछले दो हफ्तों से खराब मौसम से निराश-हताश खोजकर्ताओं के लिए रिकॉडरों का मिलना एक बड़ी सफलता है।

इससे पहले, एक इंडोनेशियाई अधिकारी ने बताया कि कॉकपिट वायस रिकॉर्डर जावा सागर की तलहटी से निकाला गया और अब यह एक इंडोनेशियाई नौसैनिक पोत पर है। इसे अब जकार्ता भेजा जाएगा जहां उसे डाउनलोड किया जाएगा और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के साथ उसका विश्लेषण किया जाएगा।
बुदियोनो ने बताया, ‘‘विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के मकसद से जांचकर्ताओं के लिए यह एक शुभ समाचार है।’’

ब्लैक बॉक्स में उपकरण के दो हिस्से होते हैं – फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वायस रिकॉर्डर। ये रिकॉर्डर अहम होते हैं क्योंकि उनमें विमान चालक के अंतिम शब्द और संभवत: विभिन्न फ्लाइट डेटा हो सकते हैं।

जांचकर्ता रिकॉर्डर की जांच करेंगे और इंडोनेशिया के सुराबाया से सिंगापुर जा रही फ्लाइट क्यूजेड 8501 की दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की दिशा में सुराग पाने की कोशिश करेंगे।

बहरहाल, इंडोनेशिया की खोज और बचाव एजेंसी बसरनास के प्रमुख फ्रांसिसकुस बंबंग सोलिस्तयो ने आज बताया कि शवों को लेने की कानूनी निर्धारित सीमा सात दिन है।

उन्होंने जकार्ता में एक संसदीय कार्यवाही में बताया कि ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद 11 वें दिन अभियान का फोकस अब बदल गया है। हालांकि शवों की तलाश का काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुख्य काम शवों की तलाश करना है।’’

पीड़ितों के परिजन से मिलने के लिए सुरबाया रवाना होने से पहले सोलिस्तयो ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि दोनों :ब्लैक बॉक्स: मिल भी जाए तो इसका यह मतलब नहीं कि हमारा काम हो गया।’’

उन्होंने कहा कि बसरनास शवों की तलाश पर फोकस किये हुए है जबकि सैन्य बल मलबा तलाश करने के काम में जुटे हैं। शुरूआत में माना जा रहा था कि मलबे में शव फंसे होंगे हालांकि अभी तक जो 48 शव मिले हैं वह समुद्र में अलग-अलग जगह थे।

और शवों के मिलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सतह की तुलना में समुद्र की तलहटी में शवों की तलाश करना कठिन है।

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