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यातायात दुर्घटनाओं के लिए वायु प्रदूषण ज़िम्मेदार

एक अध्ययन के अनुसर कार के अंदर वायु प्रदूषण बाहर की अपेक्षा दोगुने से अधिक हो सकती है, क्योंकि एनओ2 छोटी जगह में बनती है।

Author लंदन | October 3, 2016 9:38 PM
एएएएस में अपना अध्ययन पेश किया, जिसमें कहा गया कि वायु प्रदूषण जनित बीमारियों के कारण 2013 में चीन में 16 लाख, जबकि भारत में 14 लाख लोगों की मौत हुई। (फाइल फोटो)

ब्रिटेन के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि हर साल होने वाली सैकड़ों कार दुर्घटनाओं के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेदार हो सकता है, क्योंकि जहरीली हवा चालक के फिटनेस को बिगाड़ती है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन को 32 इलाकों के एक ग्रिड में विभाजित किया, जिनमें से हरेक ने लगभग 7,700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया और वर्ष 2009 से वर्ष 2014 के बीच हुए दुर्घटनाओं के वायु प्रदूषण के स्तर के अनुसार आंकड़े बनाए। उन्होंने पाया कि रोजाना औसतन प्रति क्यूबिक मीटर मात्र एक माइक्रोग्राम से अधिक नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2) के जमाव में वृद्धि प्रतिदिन औसतन दो फीसदी दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ाने के लिए पर्याप्त है तथा इसका सबसे अधिक असर शहरों में हो रहा है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि जहरीली हवा चालक के फिटनेस को बिगाड़ती है, जबकि नेत्रों से आंसू निकलने और नाक में खुजली होने से भी वाहन चलाने वालों का ध्यान भंग होता है। ‘द टेलीग्राफ’ ने रिपोर्ट दी है कि हाल ही के एक अध्ययन के अनुसर कार के अंदर वायु प्रदूषण बाहर की अपेक्षा दोगुने से अधिक हो सकती है, क्योंकि एनओ2 छोटी जगह में बनती है।

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