जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर में था एजबेस्‍टॉस, दशकों से जानती थी कंपनी : रिपोर्ट

रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कंपनी के शेयर्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 10 फीसदी गिर गए। इससे पहले 19 जुलाई 2002 को कंपनी के शेयर्स में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

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कंपनी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसके पाउडर से कैंसर होता है।

डार्लिन कोकर जानती थी कि वह मर रही थी। वह सिर्फ जानना चाहती थी क्यों? वह जानती थी कि उसका कैंसर, मेसोथेलियोमा, उसके फेफड़ों और अन्य अंगों के आस-पास पहुंच गया था। यह जितना दुर्लभ था उतना ही घातक भी था। वह जानती थी कि यह ज्यादातर ऐसे पुरुषों को होता है जिन्होंने खदानों में एस्बेस्टस धूल को सांस के माध्यम से लिया हो। कोकर की बेटी कैडी इवांस ने कहा कि, 52 वर्षीय कोकर की दो बेटियां थीं और पूर्वी टेक्सास के एक छोटे शहर लंबरटन में एक मसाज स्कूल चला रही थीं। वह एस्बेस्टोस के संपर्क में कैसे पहुंची थी? “वह जवाब चाहता थीं।” मशहूर अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर आरोप लगा कि इसके बेबी पाउडर से कैंसर होता है। कंपनी पर इस चक्कर में 32 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना भी लग चुका है। हालांकि कंपनी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसके पाउडर से कैंसर होता है। अब रॉयटर्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कंपनी के पाउडर में एस्बेस्टस होता है इसकी जानकारी कंपनी को दशकों पहले से थी। आपको बता दें कि एस्बेस्टस से कैंसर होता है।

रिपोर्ट में इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्स का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी ही नहीं बल्कि इसके एग्जीक्यूटिव से माइन मैनेजर तक, सब इस बात को जानते थे। इतना ही नहीं साइंटिस्ट, डॉक्टर और यहां तक की कंपनी के वकील को भी इस बात की जानकारी थी। इतना सब होने के बावजूद भी कंपनी अपने प्रॉडक्ट बेच रही थी। रिपोर्ट इससे जुड़े कई दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद तैयार की गई, रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 1971 से 2000 के बीच कई बार कंपनी के रॉ पाउडर और बेबी पाउडर की टेस्टिंग हुई और हर बार एस्बेस्टस होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में तो यह भी कहा गया है कि कंपनी की तरफ से अमेरिकी रेगुलेटर्स पर दवाब भी बनाया गया। दवाब इसलिए बनाया गया क्योंकि वह एस्बेस्टस की मात्रा को लिमिटेड करना चाहते थे, कंपनी अपनी तरफ से दवाब बनाने में काफी हद तक कामयाब भी रही।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कंपनी के शेयर्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 10 फीसदी गिर गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह कंपनी की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट थी। 19 जुलाई 2002 को कंपनी के शेयर्स में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद से 14 दिसंबर 2018 को दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। तब कंपनी की एक पुरानी कर्मचारी ने कंपनी पर रिकॉर्ड्स में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।

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