Israel-Iran War News: आज से एक महीने पहले (रविवार) से जब से युद्ध शुरू हुआ है, तब से दुनिया का ज्यादातर फोकस होर्मुज स्ट्रेट पर रहा है और इसका एक ठोस कारण भी है। यह समुद्री मार्ग ग्लोबल लिक्विड पेट्रोलियम खपत और ग्लोबल एलएनजी ट्रेड के लगभग 20 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है।

हालांकि, ईरान समर्थित यमनी हूतियों के अब पश्चिम एशिया युद्ध में प्रवेश करने के साथ क्षेत्र के तेल निर्यात और जहाजरानी को और भी ज्यादा खतरा है। शनिवार को हूतियों की तरफ से इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की पुष्टि के बाद चिंता बढ़ गई है। युद्ध शुरू होने के बाद से यह उनका पहला ऐसा हमला है। समूह ने कहा कि उन्होंने संवेदनशील इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

हूती ईरान के एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस का एक अहम हिस्सा है। यह क्षेत्रीय प्रॉक्सी ग्रुप का एक नेटवर्क है जिसमें गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह भी शामिल हैं। यह ध्यान रखना अहम है कि विद्रोही समूह यमन की राजधानी सना पर भी कंट्रोल रखता है, जो लाल सागर में बाब अल-मंडाब के करीब मौजूद है। यही एक अहम कारण है कि अब चिंताए बढ़ रही हैं।

बाब अल-मंडाब क्या है?

अरबी में गेट ऑफ टीयर्य के नाम से जाना जाने वाला बाब अल-मंडाब, लाल सागर के दक्षिणी छोर पर यमन और अफ्रीका के हॉर्न के बीच स्थित है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ता है। ग्लोबल ऑयल और नेचुरल गैस शिपमेंट का लगभग 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा यहीं से होकर गुजरता है।

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इस मार्ग को और भी महत्वपूर्ण बनाने वाली बात यह है कि इसका संबंध स्वेज नहर से है, जो एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यह इसे भूमध्य सागर से जोड़ता है, साथ ही साथ SUMED पाइपलाइन से भी है। यह रणनीतिक मार्ग फारस की खाड़ी से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर उन शिपमेंट के लिए जो बाब अल-मंडाब के रास्ते स्वेज नहर से होकर गुजरते हैं।

यह रणनीतिक मार्ग फारस की खाड़ी से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर उन शिपमेंट के लिए जो बाब अल-मंडाब के रास्ते स्वेज नहर से होकर गुजरते हैं।

यह चिंता का विषय क्यों है?

होर्मुज स्ट्रेट लगभग एक महीने से बंद है। अब, हूतियों के युद्ध में शामिल होने से, लाल सागर में जहाजों पर संभावित हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसा समूह पहले भी कर चुका है।

7 अक्टूबर, 2023 के हमलों के बाद जब इजरायल ने गाजा में सैन्य कार्रवाई शुरू की, तो हूतियों ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने नवंबर 2023 और जनवरी 2025 के बीच 100 से ज्यादा जहाजों पर हमला किया और दो जहाजों को डुबो दिया, जिसके बाद पिछले नवंबर में हमलों को रोकने की घोषणा की गई।

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के वरिष्ठ यमन विश्लेषक अहमद नागी ने कहा, “अगर हूती विद्रोहियों ने कमर्शियल जहाजों पर हमले बढ़ा दिए, जैसा कि उन्होंने पहले भी किया है, तो इससे तेल की कीमतें और बढ़ जाएंगी और समुद्री सुरक्षा पूरी तरह से अस्थिर हो जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “इसका प्रभाव केवल ऊर्जा बाजार तक ही सीमित नहीं रहेगा।”

सीएनन ने अमेरिकी एनर्जी इंफोर्मेशन एजेंसी का हवाला देते हुए बताया, “2023 के पहले 11 महीनों में 30 मिलियन टन से ज्यादा प्राकृतिक गैस, बड़ी मात्रा में कंटेनर ट्रैफिक और कुल समुद्री व्यापार वाले तेल का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट से होकर गुजरा।” चैथम हाउस थिंकटैंक में मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम की शोधकर्ता फारेया अल-मुस्लिमी ने गार्जियन को बताया, “हूतियों द्वारा व्यापक मध्य पूर्व संघर्ष में शामिल होने का निर्णय एक गंभीर और बेहद चिंताजनक बढ़ोतरी का संकेत है।”

अगर इस मार्ग को बंद कर दिया जाए तो क्या होगा?

अगर होर्मुज स्ट्रेट के साथ-साथ यह मार्ग भी बंद हो जाता है, तो ग्लोबल शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों को केप ऑफ गुड होप के चारों ओर घुमाकर ले जाना पड़ेगा। इससे यात्रा में लगभग 4000 से 6000 समुद्री मील की दूरी बढ़ जाएगी और माल ढुलाई में 14 से 20 दिनों की देरी होगी। इस तरह के चक्कर से न केवल यात्रा का समय बढ़ेगा बल्कि माल ढुलाई की लागत में भी काफी बढ़ोतरी होगी।

यह भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है

जहां होर्मुज स्ट्रेट भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए आवश्यक है, वहीं लाल सागर मार्ग इसके निर्यात, विशेष रूप से यूरोप को निर्यात के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। भारत का यूरोप के साथ होने वाला लगभग 80 प्रतिशत व्यापारिक लेन-देन इसी गलियारे से होकर गुजरता है। अकेले यूरोपीय संघ भारत के कुल माल निर्यात का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जिसका मूल्य लगभग 450 अरब डॉलर प्रति वर्ष है।