अफगानिस्तान के तालिबानी निजाम ने बच्चियों के निकाह से जुड़ा नया विवादित कानून बनाया है। तालिबान द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस नए कानून को अफगानिस्तान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुंदजादा की मंजूरी मिल चुकी है। इस नए निकाह कानून के तहत किसी ‘कुँआरी बच्ची’ के चुप को शादी के लिए मंजूरी माना जाएगा। मानवाधिकार संगठन तालिबान के इस नए कानून की आलोचना कर रहे हैं।

अगस्त, 2021 में बंदूकधारी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करके देश पर कब्जा कर लिया था। तालिबान निजाम ने सत्ता में आने के बाद बच्चियों के कक्षा छह से अधिक पढ़ने, बाहर निकलने, सार्वजनिक स्थान पर तेज आवाज में बात करने पर प्रतिबंध लगा दिया। तालिबान ने महिलाओं की उच्च शिक्षा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।

अफगानी टीवी चैनल अमू टीवी के अनुसार 31 अनुच्छेदों वाले इस नए निकाह और तलाक कानून को तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने सोमवार को मंजूरी दी।

लड़कों की चुप्पी सहमति नहीं

नए नियमों में बाल विवाह, लापता जीवनसाथी, व्याभिचार के आरोप, धर्म त्याग और जबरन अलगाव आदि मामलों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक जिस नियम की आलोचना की जा रही है वह है कि कुंवारी लड़कियों की चुप्पी भी विवाह के लिए हां माना जा सकता है। आगे नियम में यह भी कहा गया कि लड़का या विवाहित महिला की चुप्पी को स्वत: सहमति नहीं माना जाएगा।

बाल विवाह को वैधता

तालबिान के नए निकाह एवं तलाक कानून के अनुसार किसी नाबालिग बच्चे के पिता या दादा उसका निकाह कर सकते हैं। हालाँकि बच्चे बालिग होने पर इस निकाह को रद्द करने की माँग कर सकते हैं मगर उसके लिए तालिबानी शरिया अदालत की मंजूरी लेनी होगी। नए कानून के तहत दहेज को मजहबी रवायत के अनुकूल न होने के एवज में भी निकाह रद्द करने की बात कही गयी है।

इस नियम में पिता और दादा को बाल विवाह (निकाह) को लेकर कई अधिकार दिए गए हैं, हालांकि यदि अभिभावक दुर्व्यवहार करने वाले या नैतिक रूप से अयोग्य पाए जाते हैं तो निकाह अमान्य घोषित किए जा सकते हैं। तालिबान जजों को व्यभिचार के आरोपों, धर्म परिवर्तन और लंबे समय तक लापता रहने वाले पत्तियों से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने का भी अधिकार दिया गया है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने की कड़ी आलोचना

इस नए कानून को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी आलोचना की है। राजनीतिक टिप्पणीकार फहीमा मोहम्मद ने कहा कि बाल विवाह में सार्थक सहमति शामिल नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चुप्पी को स्वीकृति मानना लड़कियों की आवाज और आजादी को छीन लेता है।

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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में सोमवार को मिसाइल हमले किए हैं। इसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य घायल हो गए। कुनार प्रांत के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख नजीबुल्लाह हनीफ ने काबुल स्थित टोलो न्यूज को बताया कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें