कबाड़ हो चुके विमानों में झूला बांध झूल रहे तालिबानी, चीनी अफसर ने शेयर किया VIDEO

49 सेकेंड की क्लिप में खटारा प्लेन के पंख में मोटी रस्सी बांधकर जुगाड़ू झूला बनाया गया था। एक लड़ाका उस पर बैठकर आनंद ले रहा था, जबकि दो तालिबानी उसे पीछे से धक्का दे उसे और आनंद दिलाने का प्रयास कर रहे थे।

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चीन के सरकारी अफसर ने तालिबानी लड़ाकों के झूले झूलने से जुड़ा वीडियो शेयर किया है। (स्क्रीनग्रैबः टि्वटर/@zlj517)

तालिबान के कब्जे वाले संकटग्रस्त अफगानिस्तान में कबाड़ हो चुके हवाई जहाज और ऐसे अन्य विमान तालिबानी लड़ाकों के लिए मनोजरंजन का माध्यम बन गए हैं। वे इनमें झूला बांधकर झूलते नजर आए। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया, जिसे चीन के एक सरकारी अफसर ने शेयर किया था।

चीन सरकार के अधिकारी लिजियान जाओ के हैंडल से वीडियो के साथ लिखा गया, “साम्राज्यों का कब्रिस्तान और उनकी जंगी मशीनें। तालिबान लड़ाकों ने अपने विमानों को झूलों और खिलौनों में बदल दिया है…।”

49 सेकेंड का जो वीडियो उन्होंने साझा किया, उसमें खटारा प्लेन के पर में मोटी रस्सी बांधकर जुगाड़ू झूला बनाया गया था। एक लड़ाका उस पर बैठकर आनंद ले रहा था, जबकि दो तालिबानी उसे पीछे से धक्का दे उसे और आनंद दिलाने का प्रयास कर रहे थे।

बता दें कि अमेरिकी सेना ने तय समयसीमा से पहले अफगानिस्तान छोड़ देने के साथ वहां पर मौजूद अपने जंगी विमानों और अन्य मशीनों को निष्क्रिय कर दिया था। डिफेंस एक्सपर्ट्स और विशेषज्ञों की मानें तो यूएस ने ऐसा इस आशंका में किया कि कहीं तालिबान के लड़ाके भविष्य में उसका गलत इस्तेमाल न करें।

वैसे, वहां 20 साल पुरानी तैनाती को समाप्त करने वाले अमेरिकी सैनिकों की वापसी ने इस क्षेत्र में चीन के सामने एक बड़ा अवसर खोल दिया है। तालिबान द्वारा अपनी अंतरिम सरकार की घोषणा के एक दिन बाद चीन ने इसे ‘अराजकता का अंत’ करार दिया। साथ ही अफगानिस्तान को 31 मिलियन यूएस डालर की मदद का ऐलान किया। तालिबान के सत्ता में आने के बाद चीन की ओर से यह प्राथमिक उपचार की घोषणा थी। तालिबान ने भी चीन को अपना सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

‘ईटीआईएम के आतंकियों ने अफगानिस्तान छोड़ा’: तालिबान ने चीन को सूचित किया है कि अशांत शिनजियांग प्रांत के ईटीआईएम आतंकवादियों ने उनके कहने पर अफगानिस्तान छोड़ दिया है। काबुल में सत्ता पर काबिज होने के बाद से तालिबान पर बीजिंग का काफी दबाव था कि वह ईटीआईएम आतंकवादियों के फिर से एकजुट होने पर लगाम कसे, क्योंकि अशांत प्रांत की सीमा अफगानिस्तान के साथ लगती है। चीन शिनजियांग प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) को लेकर अपनी चिंता जताता रहा है।

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