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जानें-समझें: ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, कार्यवाही हुई तो क्या होगा असर

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता खत्म होने और डेमोक्रेट नेता जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने में आठ दिन बाकी हैं। अमेरिका में प्रतिनधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कह दिया है कि सदन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही करेगा।

Donald Trump(बाएं) अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप, (बीच में) बीआर दीपक, प्रोफेसर, जेएनयू ( दाएं ) पैट सिपोलोन, वाइट हाउस के कानूनी सलाहकार। फाइल फोटो।

अगर महाभियोग साबित होगा तो ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति चुनाव में खड़े नहीं हो सकेंगे। पेलोसी ने एक पत्र में सहयोगियों को कहा कि हमारे संविधान और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें तुरंत कदम उठाना होगा क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के पद पर बने रहने से लोकतंत्र और संविधान को खतरा है।

दरअसल, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों के वहां की संसद (कैपिटल हिल) में हंगामा करने के बाद वहां की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। पेलोसी सक्रिय हैं और ट्रंप को राष्ट्रपति बने रहने की कोई मोहलत देने को तैयार नहीं। वे आशंका जता चुकी हैं कि ट्रंप सत्ता में रहने के अपने इन थोड़े से दिनों में भी परमाणु हमले जैसा कोई काम कर सकते हैं।

क्या है विवाद और हंगामे की वजह

अमेरिका में तीन नवंबर को मतदान कराए गए। राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में बाइडेन की जीत की घोषणा की जा चुकी है। ट्रंप लगातार मतदान और मतगणना में धांधली के आरोप लगाते रहे। अदालतों में कई मुकदमे दाखिल किए। ज्यादातर खारिज हुए। सुप्रीम कोर्ट भी दो मामलों में याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।

मतदान के 64 दिन बाद अमेरिकी संसद ने बाइडेन की जीत पर मुहर लगा दी। जिन दिन अमेरिकी संसद ने बाइडेन की जीत प्रमाणित की, उसी दिन ट्रंप ने एक रैली बुलाई। इसमें उन्होंने अपने समर्थकों से संसद तक जुलूस निकालने को कहा। संसद पहुंचे प्रदर्शनकारी बेकाबू हो गए। ट्रंप ने अपने समर्थकों को भड़काते हुए कहा था, ‘आप लोगों को ताकत दिखानी होगी।

आपको मजबूती दिखानी होगी। आप नहीं चाहेंगे कि हमारा देश एक बार फिर कमजोर हो जाए। हम हारे नहीं। हम हार नहीं मानेंगे।’ इसके बाद ट्रंप के समर्थक संसद में घुस गए। वहां तोड़फोड़ और हिंसा की। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई।

क्या ट्रंप को हटाया जा सकता है

राष्ट्रपति को पद से हटाने के दो तरीके हैं- 1. अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन को लागू करना होगा, 2. महाभियोग। दोनों ही स्थितियों में उप राष्ट्रपति माइक पेंस की भूमिका महत्त्वपूर्ण होगी। वे ही बाइडेन के इनॉगरेशन (पदभार ग्रहण करने) तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

अमेरिकी सांसदों ने संविधान के 25वें संशोधन पर चर्चा शुरू कर दी है। यह संशोधन 1967 में स्वीकार किया गया था। इसकी धारा चार बताती है कि अगर राष्ट्रपति काम करने योग्य नहीं रहता और खुद पद नहीं छोड़ता तो क्या होगा? 25वें संशोधन को लागू करने के लिए पेंस और ट्रंप मंत्रिमंडल के अधिकांश सदस्यों को घोषित करना होगा कि ट्रंप अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम नहीं है और उन्हें हटाया जाना चाहिए। उस परिस्थिति में पेंस जिम्मेदारी संभाल लेंगे।

क्या हुआ था 2019 में

ट्रंप पर वर्ष 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए यूक्रेन की मदद का आरोप लगा था। कहा जा रहा था कि जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन के यूक्रेन में आर्थिक देनलेन है। ट्रंप इस बात को उछालना चाहते थे, ताकि बाइडेन की छवि खराब हो। ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति के बीच फोन पर बात हुई थी।

अधिकारियों ने यह सूचना सार्वजनिक कर दी। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप चुनाव जीतने के लिए यूक्रेन के नेताओं पर जबर्दस्ती बाइडेन के लेनदेन की जांच का दबाव बना रहे हैं। नेताओं का ये भी आरोप था कि ऐसा न करने पर ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने की धमकी दी थी।

सबूत और जांच की प्रक्रिया

अमेरिकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को देशद्रोह, रिश्वत और दूसरे संगीन अपराधों में महाभियोग का सामना करना पड़ता है। जांच के बाद अपराध के सबूत संसद की न्याय समिति को भेजे जाते हैं। यह समिति जांच करती है, सुनवाई करती हैं, ड्राफ्ट तैयार करती है और उसके बाद सारी चीजें सीनेट के सभी सदस्यों तक पहुंचती हैं।

2019 में तीन महीने का समय लगा था। इस बार बात सीधे कैपिटल हिल पर हमले की है, लिहाजा डेमोक्रेट सदस्य जांच की कोई जरूरत नहीं देख रहे। हो सकता है कि सबूत जमा करने और जांच की बजाए सीधे-सीधे वोट हो और जांच समिति कार्रवाई करे।


क्या कहते
हैं जानकार

राष्ट्रपति ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि पहले से ही काफी खराब थी। अमेरिकी समाज लगातार उस राह पर आगे बढ़ रहा है जिस पर काफी पहले चीन चला था। इस राह में लोगों के बीच दूरी है, आपसी भेदभाव है। ट्रंप के कार्यकाल में यह बंटवारा काफी बढ़ गया है।
– बीआर दीपक, प्रोफेसर, जेएनयू

बतौर राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकार है कि वे खुद को माफी दे दें। पता चला है कि वाइट हाउस छोड़ने से पहले ट्रंप खुद को माफी देना चाहते हैं। लेकिन मैंने उनसे कहा है कि दंगा भड़काने को लेकर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
– पैट सिपोलोन, वाइट हाउस के कानूनी सलाहकार (कैपिटल हिल में बवाल के
बाद बयान)

महाभियोग कैसे चलेगा

महाभियोग की कार्यवाही संसद के निचले सदन यानी हाउस आॅफ रिप्रेजेंटेटिव्स से शुरू होती है। इसके लिए राष्ट्रपति पर आपराधिक मामले में दोषी होने जैसे आरोप लगाने होंगे। 435 सदस्यों वाले हाउस में बहुमत से आरोप तय हो सकते हैं। इसे ‘आर्टिकल्स आॅफ इंपीचमेंट’ कहते हैं। प्रक्रिया ऊपरी सदन यानी सीनेट जाती है।

वहां सुनवाई होगी। वहां ही साबित होगा कि राष्ट्रपति दोषी है या नहीं। संविधान के तहत सीनेट में दोषी ठहराने और हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाले सदन में दिसंबर 2019 में महाभियोग के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए बाइडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच के लिए यूक्रेन पर दबाव डालने का आरोप था। लेकिन, फरवरी 2020 में रिपब्लिकन नेतृत्व वाले सीनेट में उन्हें दोषमुक्त करार दिया गया था।

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