A delivery man became one of the richest people in China, thanks to his fortune in parcel business - पार्सल डिलीवर करने वाला बना चीन के रईसों में से एक, संपत्ति में हर दिन हुआ 133 अरब रुपये का इजाफा - Jansatta
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पार्सल डिलीवर करने वाला बना चीन के रईसों में से एक, संपत्ति में हर दिन हुआ 133 अरब रुपये का इजाफा

2009 में चीन सरकार ने अपनी पॉलिसी बदली और कूरियर और पॉर्सल डिलीवरी के क्षेत्र में निजी कंपनियों को बिजनेस करने की अनुमति दे दी। इसके बाद एसएफ एक्सप्रेस के संस्थापक वेंग वी ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।

शेयर बाज़ार में लिस्टिंग के बाद SF EXPRESS के शेयर में दर्ज की गई जबर्दस्त उछाल (Source-Reuters)

बात 90 के दशक की है। तब चीन में निजी कंपनी द्वारा सामानों की डिलीवरी गैरकानूनी थी और इस पर चीन के डाक विभाग का एकाधिकार था। लेकिन वेंग वी ने तब इसी बिजनेस को स्टार्ट किया था। गैर कानूनी होने की वजह से वेंग वी इस काम को खुद ब्लैक डिलीवरी कहते थे। उनकी कंपनी 16 साल तक चीन और हॉन्गकॉन्ग बॉर्डर पर चोरी छुपे सामानों की डिलीवरी करती रही। लेकिन 2009 में चीन सरकार ने अपनी पॉलिसी बदली और कूरियर और पॉर्सल डिलीवरी के क्षेत्र में निजी कंपनियों को बिजनेस करने की अनुमति दे दी। इसके बाद एसएफ एक्सप्रेस के संस्थापक वेंग वी ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।

पिछले सप्ताह जब शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज में एस एफ एक्सप्रेस की आधिकारिक रुप से बैकडोर लिस्टिंग हुई, तो इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 59 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद ब्लूमबर्ग ने अरबपतियों की जो सूची जारी की उसमें वेंग वी की जायदाद 26 दशमलव 5 अरब डॉलर दिखाई। इस कंपनी ने पिछले शुक्रवार को शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज को अपनी लिस्टिंग की थी, उसके बाद सोमवार से लेकर बुधवार तक कंपनी के शेयरों के मूल्य में रोजाना 10 फीसदी यानी की लगभग 2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन आंकड़ों के बाद वेंग वी चीन के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गये हैं।

इस कंपनी के पास इस वक़्त 36 कार्गो प्लेन 15 हज़ार डिलीवरी वैन है। इस कंपनी का इरादा अब चीन के हुबेई प्रांत में एक कार्गो एयरपोर्ट बनाने का है। चीनी मार्केट विशेषज्ञों के मुताबिक चीन में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते बाज़ार की वजह से पार्सल डिलीवरी के बाज़ार में जबर्दस्त संभावनाएं हैं। चीनी ई कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने चीन में पॉर्सल डिलीवरी के बाज़ार जबर्दस्त विस्तार दिया है।

लेकिन बड़ी कंपनियों के आकार में बढ़ोतरी के साथ ही यहां छोटी कंपनियों के वजूद पर ही खतरा पैदा हो गया है, चीन के डिलीवरी बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ सालों में चीन में महज दो या तीन ही बड़ी कंपनियां रह जाएंगी। हालांकि इसका फायदा उपभोक्ता को मिला है और बड़े प्लेयर्स के होने की वजह से यहां अमेरिका के मुकाबले डिलीवरी चार्जेज काफी कम हैं। यहां एक पैकेज के डिलीवरी की औसत क़ीमत 1 दशमलव 86 डॉलर हैं जबकि अमेरिका में ये आंकड़ा 10 डॉलर तक है। फिलहाल बड़ी पार्सल कंपनियां चीन में फैले बाज़ार का दोहन करने में जुटी हैं।

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