बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने शनिवार को पाकिस्तान में 48 अलग-अलग जगहों पर पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और अन्य अहम ठिकानों पर हमले किए। इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन हैरॉफ’ का दूसरा चरण बताया गया है।
बीएलए के मुताबिक, इस दौरान क्वेटा, नोश्की, मस्तुंग, दल्बंदीन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुरबत, तुंप, बु्लेडा, मंगूचर समेत कई इलाकों में हमले किए गए। संगठन का दावा है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के 84 जवानों को मार गिराया गया, जबकि 18 जवानों को जिंदा पकड़ लिया गया।
बीएलए की ओर से जारी एक बयान में संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना के 84 जवानों को न्यूट्रलाइज किया गया, कई सैनिक घायल हुए और 18 जवानों को हिरासत में लिया गया।
हालांकि, बीएलए ने यह भी स्वीकार किया है कि ‘ऑपरेशन हैरॉफ’ के दूसरे चरण में उसके कुछ लड़ाके भी मारे गए हैं। उधर, इस पूरे मामले पर पाकिस्तान प्रशासन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बीएलए के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों ने कार्रवाई में 145 आतंकियों को मार गिराया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने बताया है कि इस हमले में सेना के 17 जवान मारे गए हैं। 31 आम नागरिकों की भी जान गई है। वहीं, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नक़वी के मुताबिक, इन हमलों में सुरक्षा बलों के 10 जवानों की मौत हुई है।
जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान कई दशकों से बलूचिस्तान में अलगाववादी विद्रोह झेल रहा है। बलूचिस्तान देश का दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जो अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगा हुआ है और खनिज संसाधनों से भरपूर है। यहां विद्रोही अक्सर सुरक्षा बलों, विदेशी नागरिकों और प्रांत के बाहर से आए लोगों पर हमले करते रहे हैं।
