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सीरियाई युद्ध अपराधों में अभी तक 800 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी गवां चुके हैं जान

सीरिया में वर्ष 2011 से मुख्य रूप से सरकार समर्थित बलों द्वारा किए गए अपराधों, अस्पताल में बम विस्फोटों, गोलीबारी और उत्पीड़न जैसे युद्ध अपराध के कृत्यों में 800 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है।

Author March 15, 2017 10:35 AM
स्वास्थ्यसेवा को ‘‘हथियार बनाने’’ के कारण सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है (photo source – Indian express)

सीरिया में वर्ष 2011 से मुख्य रूप से सरकार समर्थित बलों द्वारा किए गए अपराधों, अस्पताल में बम विस्फोटों, गोलीबारी और उत्पीड़न जैसे युद्ध अपराध के कृत्यों में 800 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है। ‘द लान्सेट’ चिकित्सकीय पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार सीरिया सरकार और उसके सहयोगी रूस ने स्वास्थ्यसेवा पर हिंसक रोक को युद्ध का हथियार बना दिया है।

इसमें कहा गया है कि स्वास्थ्यसेवा को ‘‘हथियार बनाने’’ के कारण सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है, सैकड़ों और लोगों को बंदी बनाया गया है या उनका उत्पीड़न किया गया और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सैकड़ों सुविधाओं पर जानबूझकर एवं व्यवस्थित तरीके से हमला किया गया।’’ इस दौरान लगभग 15,000 चिकित्सक देश से भाग गए जिसके कारण लाखों आम नागरिकों तक मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं।

रिपोर्ट के लेखकों ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय सुमदाय ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय एवं मानवाधिकार कानूनों के उल्लंघनों को मुख्य रूप से अनुत्तरित छोड़ दिया है।’’इस रिपोर्ट को बेरूत, ब्रिटेन एवं अमेरिका में विश्वविद्यालयों और सीरियन अमेरिकन मेडिकल सोसाइटी :एसएएमएस: और गैर सरकारी संगठन मल्टी एड प्रोग्राम्स के विशेषज्ञों ने संकलित किया है। आकड़ों के अनुसार मार्च 2011 से पिछले साल सितंबर तक 782 स्वास्थ्य कर्मी मारे गए।

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रिपोर्ट के अनुसार अस्पतालों एवं क्लीनिकों पर बम विस्फोट में 426 ,55 प्रतिशत: लोगों की मौत हुई। चिकित्सकीय पेशेवरों पर गोलीबारी में 180 लोग :23 प्रतिशत:, उत्पीड़न के कारण 101,13 प्रतिशत और मौत की सजा दिए जाने के कारण 61 :आठ प्रतिशत: लोग मारे गए। सितंबर 2016 से कम से कम 32 और लोग मारे गए हैं।
ब्रिटेन स्थित निगरानी समूह सीरियन ऑब्ज़र्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स के निदेशक रामी अब्दुलरहमान के मुताबिक, “जोरदार संघर्ष जारी है और बड़े पैमाने पर बम गिराए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि सबकुछ (संघर्षविराम) खत्म हो चुका है।” रूस और तुर्की की मध्यस्थता में तैयार हुई संघर्ष विराम समझौते में गतिरोध के लिए सीरिया सरकार की मांग को जिम्मेदार बताया जा रहा थी।

बता दें कुछ दिन पहले सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो बम धमाके हुए थे जिसमें 40 इराक़ियों की मौत हो गई थी और करीब 120 लोग घायल हो गए थे। सीरिया के मीडिया के मुताबिक हमलावरों ने यात्रियों को वहां लाने वाली बसों को निशाना बनाया था सरकारी टेलीविजन के मुताबिक मरने वालों में से ज़्यादातर इराक के नागरिक हैं।

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