ताज़ा खबर
 

मुस्लिम ब्रदरहुड के 75 समर्थकों को मौत की सजा, राहुल गांधी ने आरएसएस से की थी तुलना

वर्ष 2013 में सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को को पद से हटा दिया था। इसके खिलाफ मुस्लिम ब्रदरहुड ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 600 लोग मारे गए थे।

कोर्ट ने मुस्लिम ब्रदरहुड के 75 समर्थकों को मौत की सजा सुनाई। (Photo: AP)

मिस्र की एक अदालत ने 2013 के प्रदर्शन मामले में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख नेताओं सहित 75 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने 739 अभियुक्तों वाले मामले में ब्रदरहुड के प्रमुख मोहम्मद बडाई तथा 46 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन पर हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे। वहीं एक फोटो जर्नालिस्ट महमूद अबु जैद को पांच साल के कैद की सजा सुनाई गई है। उसे ‘‘शौकन’’ के नाम से भी जाना जाता है। शौकन को अगस्त 2013 को सुरक्षा बलों और अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों के बीच हिंसक लड़ाई को कवर करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। ये वही मुस्लिम ब्रदरहुड है, जिनकी तुलना राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से की थी।

राहुल गांधी ने लंदन के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैटेजिक स्टडीज में कहा था, “आरएसएस की सोच मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। यह संस्था भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रही है।” आगे कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से लिखा गया था, “आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। अन्य पार्टियों ने भारत की संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए कभी हमला नहीं किया। आरएसएस की सोच अरब देशों की मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। कांग्रेस जहां देश को जोड़ने में लगी है, वहीं बीजेपी-आरएसएस राष्ट्र को तोड़ने में लगे हैं।”

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को को पद से हटा दिया था। इसके खिलाफ मुस्लिम ब्रदरहुड ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 600 लोग मारे गए थे। इसके बाद 739 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। इन सभी को हिंसा भड़काने, हत्या और अवैध प्रदर्शन करने सहित अन्य सुरक्षा संबंधी अपराध के मामले में दोषी पाया गया। कानूनी प्रक्रिया के दौरान पांच अभियुक्तों की मौत हो गई। कुल 374 अभियुक्तों मुख्य रूप से मोर्सी समर्थक को 15 साल की जेल की सजा दी गई। पूर्व राष्ट्रपति के बेटे ओसामा मोर्सी के साथ-साथ 22 अन्य लोगों को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। सभी फैसले की अपील की जा सकती है। वहीं, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अदालत ने इस फैसले को हास्यास्पद बताया और कहा कि इसमें किसी पुलिस अधिकारी को सजा नहीं मिली।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App