72 अफगानी सिखों-हिंदुओं को भारत आ रहे विमान में चढ़ने से तालिबान ने रोका, अब मीडिया ने किया यह दावा

अफगानी मीडिया ने बताया कि भारतीय लोगों को तालिबानियोें ने एयरपोर्ट के ही एक गैराज में रखा था। वे सभी सुरक्षित हैै। दावा यह भी है कि उन्हें अब छोड़ दिया गया है।

काबुल एयरपोर्ट की तस्वीर। क्रेडिट- एपी

अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। वहीं अफगानिस्तान में रहने वाले बहुत सारे अल्पसंख्यक ऐसे हैं जो कि भारत आना चाहते हैं। सरकार ने उनके लिए विमान भी भेजा है लेकिन तालिबानी लड़ाके उनके और भारत के बीच रोड़ा बन रहे हैं। जानकारी के मुताबिक लगभग 150 लोग भारतीय विमान में बैठकर यहां आने वाले थे लेकिन तालिबानियों ने उन्हें विमान में चढ़ने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि इसमें 72 लोग हिंदू और सिख थे।

तालिबानी लड़ाके उन्हें काबुल एयरपोर्ट से ले गए और एक गैराज में रोक दिया। अफगान मीडिया ने अब दावा किया है कि वे सभी सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द काबुल एयरपोर्ट लाकर छोड़ दिया जाएगा। सरकार के सूत्रों का कहना है कि भारतीय लोग वहां सुरक्षित हैं और उनसे लगातार संपर्क बनाया जा रहा है।

इसी गुट में शामल एक शख्स पत्नी के साथ तालिबानी चंगुल से निकल गया था। उसने बताया कि शुक्रवार को ही 150 लोग एयरपोर्ट पहुंचे थे लेकिन उन्हें एंट्री नहीं दी गई। सूत्र यह भी बताते हैं कि तालिबानियों ने उनके साथ मारपीट की और अपनी गाड़ी में भरकर सबको लेकर चले गए। कुछ लोग इस बीच वाहन से नीचे कूदकर भाग गए।

तालिबानियों ने उन्हें बताया था कि वे दूसरे गेट से एयरपोर्ट के अंदर ले जाएंगे। लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत के विमान के पास लोग नहीं पहुंच पाए। बाद में अफगान मीडिया ने बताया कि भारतीय लोगों को तालिबानी एयरपोर्ट के ही एक गैराज में लेकर चले गए जहां उनके पासपोर्ट की जांच की गई। वे कह रहे थे कि जो लोग अफगानिस्तान के ही रहने वाले हैं वे हिंदुस्तान न जाएं। तालिबानी प्रवक्ता का भी कहना है कि भारतीय लोगों को अगवा करने वाली बात गलत है।

अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के लिए भारत लगातार प्रयास कर रहा है। सूचना है कि आज भारतीय वायुसेना का विमान 80 लोगों को लेकर भारत पहुंचेगा। नाटो के एक अधिकारी ने बताया कि 12 हजार विदेशी और अफगान नागरिकों को निकालने का काम चल रहा है लेकिन यह काफी धीमा है। उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ किसी भी तरह की झड़प से बचने के लिए सावधानी से सारा काम किया जा रहा है।

पढें अंतरराष्ट्रीय समाचार (International News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट