ताज़ा खबर
 

जापान में 7.8 तीव्रता का भूकम्प, दिल्ली-एनसीआर भी हिला

जापान के तटीय इलाकों में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकम्प आया जिससे राजधानी तोक्यो में इमारते हिल गईं और कारों के अलार्म बजने लगे। रिक्टर पैमाने पर भूकम्प की तीव्रता काफी अधिक होने के बावजूद सुनामी का कोई खतरा नहीं है...

Author May 31, 2015 10:51 AM
भूकम्प का केंद्र धरती की सतह से 676 किलोमीटर नीचे स्थित था। यह तोक्यो के दक्षिण में करीब 870 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में एक दूरवर्ती इलाके में केंद्रित था।

जापान के तटीय इलाकों में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकम्प आया जिससे राजधानी तोक्यो में इमारते हिल गईं और कारों के अलार्म बजने लगे।

रिक्टर पैमाने पर भूकम्प की तीव्रता काफी अधिक होने के बावजूद सुनामी का कोई खतरा नहीं है। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने यह जानकारी दी है। एएफपी के एक संवाददाता के मुताबिक स्थानीय समयानुसार रात करीब साढ़े आठ बजे के करीब आए भूकम्प से रिहायशी इलाकों में इमारतें हिलने लगीं। भूकम्प के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

भूकम्प का केंद्र धरती की सतह से 676 किलोमीटर नीचे स्थित था। यह तोक्यो के दक्षिण में करीब 870 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में एक दूरवर्ती इलाके में केंद्रित था। अमेरिकी भूगर्भविज्ञान सर्वेक्षण ने यह जानकारी दी है। भूकम्प के केंद्र के करीब बसे इलाकों में से एक चिचिजिमा में पारंपरिक गेस्ट हाउस चलाने वाले योशियुकी सासामोतो ने बताया कि मकान काफी जोरदार तरीके से हिले।

उन्होंने बताया, ‘शुरुआत में हल्का भूकम्प आया और यह रुक गया। उसके बाद शक्तिशाली भूकम्प आया। यह इतना अधिक भीषण था कि मैं सीधे खड़ा नहीं रह सका और चल भी नहीं सका।’ तोक्यो के प्रमुख नरीता हवाई अड्डे के दोनों रनवे अस्थाई रूप से बंद कर दिए गए हैं और जांच पड़ताल की जा रही है। तोक्यो में ट्रेनों को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है और शहर में एक फुटबॉल मैच भी कुछ समय के लिए टाल दिया गया है।

क्षेत्र के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से किसी में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई खबर नहीं है। जापान में मार्च 2011 में समुद्र के नीचे आए भीषण भूकम्प से देश के उत्तर पूर्वी तट पर सुनामी आ गई थी। इस सुनामी ने हजारों लोगों की जान लेने के साथ ही शहरों को तबाह कर दिया था और सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कूलिंग सिस्टम को भी प्रभावित किया था जिससे तीन रिएक्टर ठप पड़ गए थे।

जापान चार टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल पर टिका है और हर साल विश्व के सर्वाधिक शक्तिशाली भूकम्पों में से करीब 20 फीसदी भूकम्प जापान में आते हैं। कल जापान के दक्षिणी हिस्से में एक ज्वालामुखी फट गया था जिसने आसमान में धुएं और धूल के विशाल गुबार पैदा कर दिए थे और प्रशासन को इस द्वीप से लोगों को बाहर निकालना पड़ा था।

दिल्ली, एनसीआर में भूकंप का हल्का झटका :

नई दिल्ली। दिल्ली और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भूकंप का केंद्र जापान था जिसकी तीव्रता 7.9 मापी गई। इस भूकंप का झटका दिल्ली में भी महसूस किया गया। दिल्ली और आसपास के इलाकों में जानमाल के नुकसान की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

इससे पहले नेपाल में 25 अप्रैल और फिर 12 मई को शक्तिशाली भूकंप आए थे जिनके झटके दिल्ली और आसपास के इलाकों में महसूस किए गए थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App