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हजारों मिलियन डॉलर के रैकेट में अमेरिका ने 32 भारतीय लोगों पर दर्ज किया केस

यूएस की जस्टिस अथॉरिटी ने भारत के उन कॉल सेंटर को बंद करने के लिए एक्शन लेने को कहा है जिन्होंने यूएस में रहने वाले को हजारों मिलियन डॉलर का चूना लगाया।

कॉल सेंटर रैकेट में संलिप्त लोगों ने कर या आव्रजन अधिकारी बताकर लाखों लोगों को चूना लगाया। (Reuters)

यूएस की जस्टिस अथॉरिटी ने भारत के उन कॉल सेंटर को बंद करने के लिए एक्शन लेने को कहा है जिन्होंने यूएस में रहने वाले को हजारों मिलियन डॉलर का चूना लगाया। जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि लगभग 10 हजार लोगों को धोखा दिया गया। उनमें से ज्यादातर साउथ एशिया के थे उन्हें अमेरिका का कर या आव्रजन अधिकारी बनकर कॉल की जाती थी और कहा जाता था कि अगर सरकार (उन लोगों को) पैसा नहीं भेजा गया तो उन्हें गिरफ्तार या फिर देश से निकाला जा सकता है। जो लोग डर जाते थे वे गिरोह के लोगों के बताए गए रास्ते द्वारा पैसे भेज देते थे। जस्टिस डिपार्टमेंट ने यह भी बताया कि उसने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और भारत के पांच कॉल सेंटर्स और 32 लोगों पर केस दर्ज किया है। ये लोग गुजरात के अहमदाबाद से कॉल सेंटर्स चला रहे थे। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, कॉल सेंटर वाले हवाला के जरिए पैसा भारत तक लाते थे। इस काम को अंजाम दे रहे काफी लोगों को नहीं पता था कि यह पैसा किसी से उगाही करके लाया गया है।

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गौरतलब है कि लाखों डॉलर के फर्जी कॉल सेंटर रैकेट के कथित सरगना सागर ठक्कर उर्फ शैगी के ‘उस्ताद’ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह व्यक्ति मुंबई का एक उद्योगपति है। इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए भारतीय टेली-कॉलरों की मदद से अमेरिकी करदाताओं से धन की ठगी की जाती थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि जगदीश कनानी नामक 33 साल के व्यक्ति को रविवार रात उपनगर बोरीवली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ठक्कर इस समय फरार है। उसने अमदाबाद और मुंबई में कनानी के मातहत काम किया था। तब उसने और उसके कुछ साथियों ने अपने ‘गुरु’ से व्यापार की तरकीबें सीखी थीं। कनानी ने विदेश में एक बीपीओ कंपनी में काम करना शुरू किया था। वहीं उसने आउटसोर्सिंग कंपनियों से धन संग्रहण के तरीके सीखे थे। इसके बाद उसने अपनी जानकारी को दुरुस्त किया और फिर अमेरिकी पीड़ितों से धन की उगाही करने के लिए देशभर में फर्जी कॉल सेंटर स्थापित किए।

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अपराध शाखा (ठाणे पुलिस) ने अब तक मीरा रोड पर कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित हो रहे सात कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य 630 लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (रंगदारी), 419 (वेश बदलकर धोखाधड़ी), 420 (धोखेबाजी) और आइटी कानून और टेलीग्राफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद किया गया है। पुलिस दलों ने अमदाबाद में भी पांच कॉल सेंटरों पर छापेमारी करके उन्हें बंद कराया है।

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