ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा निष्क्रिय किए गए पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो (M/T Settebello) ने कार्रवाई से पहले दी गई लगभग 60 वर्बल चेतावनियों और अन्य चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि जहाज के चालक दल ने अमेरिकी सैन्य विमानों द्वारा दी गई कम से कम आठ “शो ऑफ फोर्स” चेतावनियों को अनदेखा किया। इनमें फ्लेयर दागना और जहाज के ऊपर से सैन्य विमानों की उड़ानें शामिल थीं।
अंतिम चेतावनियां भी की गईं नजरअंदाज
रिपोर्ट के अनुसार, 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले इस जहाज को दो अतिरिक्त अंतिम चेतावनियां भी दी गई थीं। इसके बावजूद जहाज ने निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद अमेरिकी बलों ने कार्रवाई की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा था कि यह तेल टैंकर होर्मुज जलमार्ग के बाहर अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध (ब्लॉकेड) का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी सेना के अनुसार, एक सैन्य विमान ने टैंकर के इंजन रूम पर “प्रिसिजन म्यूनिशन” यानी सटीक निर्देशित हथियारों से हमला किया। इस कार्रवाई में जहाज निष्क्रिय हो गया। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है।
अमेरिकी अधिकारी ने एपी को बताया कि एमटी सेट्टेबेलो एक “शैडो फ्लीट” जहाज था। ऐसे जहाजों का इस्तेमाल कथित तौर पर ईरानी तेल के अवैध हस्तांतरण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है। अधिकारी के मुताबिक, पिछले दो सप्ताह में यह जहाज कई बार अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करता देखा गया था। इस दौरान अमेरिकी सेना ने कई बार जहाज से संपर्क भी किया था।
दिया गया था 15 मिनट का समय
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि गोलीबारी से पहले जहाज के चालक दल को इंजन रूम खाली करने के लिए 15 मिनट का समय दिया गया था। सेंटकॉम ने कहा, “यह नाकाबंदी 60 दिनों से अधिक समय से लागू है। अब तक यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अमेरिकी बल इसका सख्ती से पालन कराएंगे।”
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