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अगर भारत गवाहों को नहीं भेजता तो 26/11 के मामले में और देरी होगी: पाकिस्तानी अधिकारी

पाकिस्तान ने भारत से सभी 24 भारतीय गवाहों को मुंबई हमले के मुकदमे में सुनवाई कर रही आतंकवाद निरोधक अदालत में गवाही देने के लिए भेजने को कहा है।

Author लाहौर | April 21, 2016 9:26 PM
मुंबई हमले (26/11) के दौरान होटल ताज। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। (फाइल फोटो)

मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमलों के मामले में यहां की अदालत में पिछली तीन सुनवाइयों के स्थगित होने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर भारत ने 24 भारतीय गवाहों को उनके बयान दर्ज कराने के लिए पाकिस्तान नहीं भेजा तो छह साल से चल रहे मुकदमे में और देरी हो सकती है। अदालत के एक अधिकारी ने आज कहा, ‘‘लगातार तीन सप्ताह से 6, 13 और 20 अप्रैल को मामले की सुनवाई स्थगित की गयी क्योंकि पाकिस्तान सरकार अब भी मामले में बयान दर्ज करने के लिए गवाहों (भारतीय) को भेजने के बारे में उसके समकक्ष के जवाब का इंतजार कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि अगर भारत गवाहों को पाकिस्तान नहीं भेजता तो मामले में और देरी हो सकती है। पाकिस्तान ने भारत से सभी 24 भारतीय गवाहों को मुंबई हमले के मुकदमे में सुनवाई कर रही आतंकवाद निरोधक अदालत में गवाही देने के लिए भेजने को कहा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार निचली अदालत ने छह साल से अधिक समय से इस देश में चल रहे मुकदमे के मामले में सभी पाकिस्तानी गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

अभियोजन के एक वकील ने कहा, ‘‘अब गेंद भारत के पाले में हैं। भारत सरकार को मुंबई के मामले में सभी भारतीय गवाहों को उनके बयान दर्ज करने के लिए पाकिस्तान भेजना चाहिए ताकि सुनवाई आगे बढ़ सके।’’ दूसरी तरफ आतंकवाद निरोधक अदालत इस्लामाबाद ने संदिग्धों के खिलाफ आरोपों में संशोधन करने के अभियोजन पक्ष के अनुरोध पर अभी तक फैसला नहीं सुनाया है। संदिग्धों में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकीउर रहमान लखवी शामिल हैं।

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