20 ISIS militants killed in Afghanistan - Jansatta
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अफगानिस्तान में सैन्य अभिनायों में मारे गए 14 तालिबानी आतंकवादी

आफगानिस्तान के दो प्रांतों में सैन्य अभियानों के दौरान कम से कम 14 तालिबानी आतंकवादी मारे गए हैं।

Author काबुल | April 23, 2018 12:37 PM
अफगान नेशनल आर्मी (एएनए) के अभियान में छह आतंकवादी मारे गए जबकि पांच अन्य घायल हो गए।”

आफगानिस्तान के दो प्रांतों में सैन्य अभियानों के दौरान कम से कम 14 तालिबानी आतंकवादी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया, “तखार प्रांत में रविवार को अफगान नेशनल आर्मी (एएनए) के अभियान में छह आतंकवादी मारे गए जबकि पांच अन्य घायल हो गए।”
वहीं, पड़ोसी कुंदुज प्रांत के अकताश जिले में अफगान सेना व खुफिया एजेंसी द्वारा चलाए गए अभियान में आठ आतंकवादी मारे गए और चार घायल हो गए।
सूत्रों के अनुसार, मृतकों में दो तालिबानी कमांडर शामिल हैं। बता दें कि अफगानिस्तान में आए दिन ही लगातार एक के बाद एक हमले हो रहे हैं, जिन्हें इन्हींं आतंकियों ने अंजाम दिया था।

बीते दिन रविवार को ही अफगानिस्तान में हुए दोहरे बम विस्फोट में कम से कम 58 लोगों की मौत हो गई, जबकि 117 अन्य घायल हो गए थे। यहां पहला विस्फोट सुबह लगभग 10 बजे उस समय हुआ, जब एक आत्मघाती हमलावर ने काबुल में चुनाव संबंधित किसी पंजीकरण के लिए कतार में लगे लोगों के बीच खुद को उड़ा दिया, जिसमें 52 लोगों की मौत हो गई और 112 अन्य घायल हो गए। इस घटना के लगभग दो घंटे बाद बगलान प्रांत में एक मतदाता पंजीकरण केंद्र के पास हुए एक बम विस्फोट में दस लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। सभी मृतक एक ही परिवार के थे।

टोलो न्यूज के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि परिवार पुल-ए-खुमरी शहर में पंजीकरण केंद्र से जा रहा था, तभी आईईडी में विस्फोट हुआ।
मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि घायलों में कई की हालत नाजुक है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने काबुल हमले की जिम्मेदारी ली है, जबकि पुलिस ने कहा कि बगलान में बम विस्फोट करने वाले तालिबान थे।

अफगानिस्तान में संसदीय और जिला परिषद चुनावों के लिए 20 अक्टूबर की तिथि निर्धारित है। मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया 14 अप्रैल से शुरू है।
मतदाता पंजीकरण शुरू होने के बाद से अबतक दो पुलिसकर्मी मारे जा चुके हैं और तीन निर्वाचन अधिकारियों सहित पांच लोगों का अपहरण हो चुका है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला, अफगानिस्तान स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन के अलावा भारत और ईरान की सरकारों ने दोनों हमलों की कड़ी निंदा की है।

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