ताज़ा खबर
 

ब्रिटेन हमला: आतंकियों के जनाजे की नमाज पढ़ने से इमामों का इनकार

ब्रिटेन में 130 से अधिक इमामों और मौलवियों ने लंदन ब्रिज पर हमला करने वाले आतंकियों के लिए पारंपरिक जनाजे की नमाज पढ़ने से मना कर दिया है।

Author लंदन | Published on: June 7, 2017 1:36 AM
लंदन आतंकी हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी और 48 लोग घायल हो गए थे। (PTI Photo)

ब्रिटेन में 130 से अधिक इमामों और मौलवियों ने लंदन ब्रिज पर हमला करने वाले आतंकियों के लिए पारंपरिक जनाजे की नमाज पढ़ने से मना कर दिया और कहा कि उनके कृत्य का बचाव नहीं किया जा सकता और ये इस्लाम की शिक्षाओं के उलट हैं। पूरे देश के इमाम, मौलवियों व मुसलिम विद्वानों ने एक साथ एक सार्वजनिक बयान जारी कर हाल में लंदन में हुए आतंकी हमले की निंदा की और हताहत हुए लोगों व उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अप्रत्याशित कदम उठाते हुए उन्होंने न केवल आतंकियों के लिए पारंपरिक जनाजे की नमाज पढ़ने से मना कर दिया, बल्कि साथ ही दूसरों से भी ऐसा ही करने को कहा। 130 से अधिक इमामों और मुसलिम धार्मिक नेताओं के समूह ने बयान में कहा कि इसलिए और साथ ही इस्लाम की पहचान समझे जाने वाले इस तरह के दूसरे नैतिक सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए हम गुनहगारों के लिए पारंपरिक जनाजे की नमाज नहीं पढ़ेंगे और हम साथी इमामों व धार्मिक प्राधिकारों से भी ऐसा ही करने की अपील करते हैं। बयान के अनुसार, इसकी वजह यह है कि ये ऐसे कृत्य हैं, जिनका बचाव नहीं किया जा सकता और ये इस्लाम की सर्वोच्च शिक्षाओं के उलट हैं। लंदन में हुए दोहरे आतंकी हमले में सात लोग मारे गए थे और दर्जनों अन्य घायल हुए। तीनों हमलावरों को मार गिराया गया था।

लंदन ब्रिज पर आतंकी हमले में शामिल रहे दो आतंकवादियों के मकान के निकट नया तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इससे कुछ घंटे पहले पुलिस ने कहा था कि लंदन हमलों को लेकर पहले हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया है। ब्रिटेन में तीन महीने के भीतर यह तीसरा आतंकी हमला हुआ है और इस हमले के बाद सरकार की क्षमता पर सवाल खड़े हो गए। आगामी गुरुवार को होने जा रहे आम चुनाव में यह यह एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। लंदन पुलिस का कहना है कि शनिवार देर रात हुए हमले के बाद से बार्किंग इलाके कुल 12 लोगों को पकड़ा गया और उनको रिहा कर दिया गया। अब बार्किंग से उत्तर की दिशा में स्थित इलफोर्ड में नया तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हमलावरों के समूह के दूसरे साथी भी हैं। मध्य लंदन में घातक हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया तीसरा संदिग्ध इटली-मोरक्को की दोहरी नागरिकता वाला 22 वर्षीय युसूफ जग्बा है। इटली की मीडिया रिपोर्ट में ये बात कही गई है। ब्रिटिश पुलिस ने तीन हमलावरों में से दो की पहचान की पुष्टि की है। लेकिन अभी तक तीसरे व्यक्ति के नाम के बारे में कुछ नहीं कहा है। इटली के मुख्य अखबारों का कहना है कि जग्बा की मां बोलोग्ना से, जबकि पिता मोरक्को से है।

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 ट्रंप प्रशासन की नीतियों के चलते चीन में अमेरिकी दूत डेविड रैंक ने दिया इस्तीफा
2 नेपाल: चौथी बार प्रधानमंत्री चुने गए शेर बहादुर देउबा, पीएम मोदी ने दी बधाई
3 पत्रकार का आरोप- मुस्लिम वि‍रोधी ट्वीट करने पर मुझे नौकरी से न‍िकाल द‍िया