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प्रवासियों ने यूनान-मैसेडोनिया सीमा बाड़ को तोड़ने की कोशिश की

मैसेडोनिया के राष्ट्रपति जी. इवानोव ने कहा है कि आस्ट्रिया के इस साल अपनी अधिकतम सीमा यानी प्रवासियों की संख्या 37,500 तक पहुंच जाने पर बाल्कन के रास्ते होकर आने वाले रास्ते को बंद करना होगा।
Author इडोमेनी | March 1, 2016 22:03 pm
आस्ट्रिया और बाल्कन देश अपने देशों में प्रवेश देने के लिए प्रवासियों की संख्या को सीमित कर रहे हैं। इस दौरान यूनान और मैसेडोनिया की सीमा पर तेजी से प्रवासियों का जमावड़ा लग रहा है।(एपी फोटो)

यूनान में फंसे सात हजार से ज्यादा शरणार्थियों में से सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को यूनान और मैसेडोनिया के बीच सीमा पर लगी बाड़ को तोड़ने की कोशिश की। इन लोगों में यूरोप में प्रवासियों के प्रवेश को रोकने के लिए लगाए गए अवरोधकों को लेकर गुस्सा बढ़ गया है। यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते मतभेदों का संकेत देते हुए जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने प्रवासियों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाने वाले आस्ट्रिया और बाल्कन देशों को आड़े हाथों लिया। इन देशों के इस कदम के कारण यूनान में जमावड़ा बढ़ गया है। क्योंकि तुर्की से शरणार्थियों की नौकाओं का पहुंचना जारी है।

मैसेडोनिया के राष्ट्रपति जी. इवानोव ने कहा है कि आस्ट्रिया के इस साल अपनी अधिकतम सीमा यानी प्रवासियों की संख्या 37,500 तक पहुंच जाने पर बाल्कन के रास्ते होकर आने वाले रास्ते को बंद करना होगा। मैसेडोनिया की पुलिस ने उन लगभग 300 प्रवासियों पर आंसू गैस के गोले दागे, जो यूनानी पुलिस के घेरे से होकर दोनों देशों के बीच की रेल की पटरी की ओर दौड़ रहे थे। सीमाएं खोलो कहकर चिल्लाते हुए पुरुषों के एक समूह ने धातु से बने एक साइनपोस्ट की मदद से तारों की बाड़ को तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और उन्हें सीमा पार करने से रोका।

डॉक्टर्स विदआउट बॉडर्स (एमएसएफ) नामक परमार्थ संगठन ने कहा कि इसके बाद मची भगदड़ में घायल कम से कम तीस लोगों ने प्राथमिक चिकित्सा की मांग की। इनमें से अधिकतर बच्चे थे।  अधिकारियों ने कहा कि मैसेडोनिया का एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह विरोध-प्रदर्शन मैसेडोनिया की ओर से महज 300 सीरियाई और इराकी लोगों को प्रवेश देने के कुछ घंटे बाद हुआ। आस्ट्रिया और बाल्कन देश अपने देशों में प्रवेश देने के लिए प्रवासियों की संख्या को सीमित कर रहे हैं। इस दौरान यूनान और मैसेडोनिया की सीमा पर तेजी से प्रवासियों का जमावड़ा लग रहा है। एथेंस ने कहा है कि ‘फंसे’ हुए लोगों की संख्या मार्च में बढ़कर 70 हजार तक जा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकार प्रमुख ने प्रवासियों के प्रति बरते जा रहे विदेशियों से डर वाले रवैए की आलोचना की। जीद राद अल हुसैन ने कहा कि इन निराश लोगों को प्रवेश से रोकने के लिए ऊंची दीवारें बना देना क्रूरता और धोखे का काम है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इडोमेनी की इस स्थिति की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण ढंग से सीमाएं बंद कर देने के शर्मनाक कृत्य का नतीजा करार दिया है।

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