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सेंट्रल अफ्रीका में अगस्त से अब तक 100 लोगों की जान गई: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने 29 नवंबर को सशस्त्र समूहों से हिंसा पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान किया था जिसके दो सप्ताह बाद यह रिपोर्ट आई है।
Author बंगुई | December 15, 2016 13:21 pm
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षण मिशन एमआईएनयूएससीए ने कहा है कि सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में अगस्त माह से मानवाधिकार उल्लंघन के खतरे में वृद्धि हुई है और कम से कम 100 लोगों की जान जा चुकी है। शांतिबहाल एजेंसी ने बुधवार (14 दिसंबर) को अपनी एक रिपोर्ट में कहा, ‘अगस्त 2016 से एमआईएनयूएससीए के समक्ष मानवाधिकार के उल्लंघन और उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं जिन्हें एक्स-सेलेका (विद्रोहियों) और एंटी बलाका (बंदूकधारियों) तथा इनसे संबद्ध गुटों ने अंजाम दिया है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं के चलते अगस्त से अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने 29 नवंबर को सशस्त्र समूहों से हिंसा पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान किया था जिसके दो सप्ताह बाद यह रिपोर्ट आई है। देश वर्ष 2013 में शुरू हुए गृह युद्ध से उबरने का प्रयास कर रहा है। गृह युद्ध में पूर्व राष्ट्रपति फ्रेंकोइस बोजी (ईसाई) को मुस्लिम विद्रोहियों ने सेलेका गठबंधन से अपदस्थ कर दिया था। पूर्व औपनिवेशिक शक्ति फ्रांस ने इसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच हो रही हिंसा को रोकने के लिए वर्ष 2013 में यहां हस्तक्षेप किया था। पिछले महीने फ्रांस ने यहां शांति बहाली का अपना अभियान खत्म कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा और मानवाधिकार दोनों ही चिंता के विषय हैं।

एमआईएनयूएससीए का कहना है कि शांतिरक्षण मिशन के मानवाधिकार प्रभाग ने उल्लंघन तथा मानवाधिकार हनन के 1,301 मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। इन मामलों में कम से कम 2,437 लोग प्रभावित हुए। ऐसे मामलों की संख्या सितंबर 2014 से मई 2015 तक 70 फीसदी बढ़ी है। पीड़ितों में 203 बच्चे हैं, जिसमें से 91 लड़के और 67 लड़कियां शामिल हैं। कुल 46 बच्चे या तो बलात्कार पीड़ित हैं या अन्य प्रकार की यौन हिंसा से पीड़ित हैं। रिपोर्ट में बंगुई प्रशासन से अपील की गई है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस समस्या से निपटे।

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