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बैठे-बैठे पैरों को हिलाना इसलिए माना जाता है खराब, ये हैं इसके वैज्ञानिक और धार्मिक कारण

माना जाता है कि जो व्यक्ति बैठे-बैठे पैर हिलाता है उसकी आर्थिक स्थिति खराब होने लगती है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है जिससे कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।

मान्यता है कि पैरों को हिलाने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बैठे-बैठे पैरों को हिलाने की आदत होती है। उन्हें अकसर अपने घर के बड़े बुजुर्गों से ऐसा नहीं करने की भी सलाह दी जाती होगी। कुछ लोग इसके पीछे के कारणों को जानते हैं तो कुछ लोग इस चली आ रही परंपरा को मानते हुए ऐसा नहीं करते हैं। माना जाता है कि जो व्यक्ति बैठे बैठे पैर हिलाता है उसकी आर्थिक स्थिति खराब होने लगती है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है जिससे कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर पूजा या किसी भी तरह के धार्मिक कार्यों को करने के समय पैरों का हिलाना ज्यादा अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से उस पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

मान्यता यह भी है कि शाम के समय पैर हिलाने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है जिससे की कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि लक्ष्मी मां को धन की देवी माना गया है इसलिए उनके नाराज होने से धन संबंधी सभी तरह के कार्यों में बाधा उत्पन्न होने लगती है। मान्यताओं के अनुसार शाम के समय माता लक्ष्मी भ्रमण के लिए आती है इसलिए इस समय पैर हिलाने काफी अशुभ माना जाता है।

धार्मिक ही नहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बैठे-बैठे पैरों का हिलाना अच्छा नहीं माना गया है। इससे जोड़ो की समस्या उत्पन्न हो सकती है। दिल संबंधी कई तरह की बीमारियां व्यक्ति को घेर कर सकती हैं। इससे पैरों की नसों पर भी विपरित प्रभाव देखने को मिलता है जिससे पैरों में दर्द की भी समस्या हो सकती है। मेडिकल साइंस में पैरों को इस तरह से हिलाने को ‘रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम’ का नाम दिया गया है। इस बीमारी का कारण नींद नहीं आना होता है। जो व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होता है तो उसे यह रोग हो जाता है।

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First Published on May 14, 2019 10:39 am

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