Why is the accident with you, know the cause and the remedy - क्यों होती है आपके साथ दुर्घटना, जानिए इसके कारण और उपाय - Jansatta
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क्यों होती है आपके साथ दुर्घटना, जानिए इसके कारण और उपाय

दुर्घटनाओं के लिए सूर्य और चंद्रमा को सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जाता है। इसके बाद राहु, मंगल और शनि आते हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

जीवन में हमें दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। कभी शरीरिक चोट तो कभी रिश्तों में अनबन तो कभी आर्थिक परेशानियां। इंसान को जीवन में इस तरह की दुर्घटनाओं से होकर गुजरना पड़ता है। आइए आज हम जानते है कि ऐसी दुर्घटनाएं क्यों होती हैं और इनको कैसे रोका जा सकता है-

कोई भी बुरी घटना आकस्मिक रूप से घट जाए तो वो दुर्घटना है। दुर्घटना केवल चोट-चपेट या शारीरिक ही नहीं होती है। कई बार यह अन्य तरीके से भी घट जाती है। दुर्घटना आर्थिक और मानसिक भी हो सकती है। इसके लिए सूर्य और चंद्रमा को सबसे बड़े जिम्मेदार माना जाता है। इसके बाद राहु, मंगल और शनि आते हैं। बृहस्पति, शुक्र, बुध और चंद्र दुर्घटनाओं से रक्षा करते हैं।

वाहन दुर्घटना के लिए जिम्मेदार – शनि-राहु या शनि-मंगल के कारण वाहन दुर्घटनाएं घटती हैं। साढ़ेसाती या ढैया में भी ऐसा हो सकता है। इसमें लग्न के स्वामी के कमजोर होने पर शारीरिक नुकसान होता है।

उपाय – कुंडली में ऐसा योग हो तो राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। साढ़ेसाती या ढैया का प्रकोप हो तो बजरंग बाण पढ़ें। मारक दशा हो तो रुद्राभिषेक करवाएं।

आर्थिक दुर्घटनाओं – बुध खराब हो तो आर्थिक दुर्घटनाओं के योग बनते हैं। मंगल के कारण व्यक्ति एकदम से कर्जो में डूब जाता है। राहु का प्रभाव होने से व्यक्ति राजा से रंक हो जाता है।

उपाय – बुध खराब हो तो पन्ना कभी ना धारण करें। साथ ही रोजाना सहस्त्रनाम का पाठ करें। मंगल के कारण समस्या हो तो रोज हनुमान चालीसा पढ़ें। मांस-मदिरा का सेवन ना करें।

रिश्तों की दुर्घटना – चंद्रमा और शुक्र रिश्तों में आकस्मिक समस्याएं पैदा करते हैं। राहु इस समस्या में बढ़ोत्तरी कर देता है। मंगल के कारण रिश्तों में विस्फोटक दुर्घटना घट जाती है।

उपाय – कुंडली में जो ग्रह समस्या कारक है उसकी शांति कराएं। रोजाना सूर्य को जल चढ़ाएं। भगवान शिव और मां पार्वती की संयुक्त उपासना करें। हीरा सोच समझकर धारण करें।

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First Published on October 22, 2017 12:01 pm