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किन लोगों को जीवन में मिलता है यश और अपयश, जानिए

जब व्यक्ति की कुंडली में एक या ज्यादा पंचमहापुरुष योग हों, कुंडली में चौथा, नौवां भाव, चंद्रमा या शुक्र में से कोई एक या दोनों मजबूत हो तो व्यक्ति को जीवन में यश और सम्मान मिलता है।

बृहस्पति, चंद्रमा और शुक्र अपार प्रसिद्धि दिलाते हैं।

ज्योतिषशास्त्र में कुंडली के चतुर्थ, सप्तम, दशम भाव से व्यक्ति के नाम-यश की स्थिति का पता चलता है। बृहस्पति, चंद्रमा और शुक्र अपार प्रसिद्धि दिलाते हैं। शनि, राहु और पापक्रांत चंद्रमा, नाम-यश को अपयश में बदल देता है। सूर्य पर्वत पर पाए जाने वाले शुभ और अशुभ चिन्ह व्यक्ति के यश और अपयश को निर्धारित करते हैं।

कब मिलता है अपयश – जिन लोगों की कुंडली का चौथा या सातवां भाव पापक्रांत हो, अगर चंद्रमा या शुक्र पापक्रांत हों या बुरी स्थिति में हो तो लोगों को जीवन में अपयश मिलता है। शनि, राहु या मंगल जैसे ग्रह नकारात्मक रुप से कुंडली को प्रभावित करें, अगर हाथ में सूर्य का वलय हो या सूर्य की रेखा कटी हो, वहां तिल हो, अगर चंद्रमा या शुक्र कमजोर हों, हाथ में सूर्य पर्वत का उभार ठीक ना हो तो भी व्यक्ति को भला काम करने पर जीवन में अपयश मिलता है।

कब मिलता है यश – जब व्यक्ति की कुंडली में एक या ज्यादा पंचमहापुरुष योग हों, कुंडली में चौथा, नौवां भाव, चंद्रमा या शुक्र में से कोई एक या दोनों मजबूत हों। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ज्यादा मजबूत हो, अगर सूर्य पर्वत पर तारा हो या त्रिभुज हो।

कुंडली में अपयश का योग हो तो ये उपाय करें – जल में लाल फूल डालकर सूर्य को रोज जल अर्पित करें, सूर्य के समक्ष गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। एक शुद्ध तांबे का छल्ला रविवार दोपहर को बाएं हाथ की अनामिक उंगली में पहनें। परामर्श लेकर ओपल या मोती धारण करें, रोज माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लें।

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First Published on November 12, 2018 11:46 am