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ये शनिवार है सबसे खास, दूर हो सकती है सभी समस्या

माना जाता है कि पुष्य-नक्षत्र में शुरू किया गया काम सफल हो जाता है।

शनि पुष्य नक्षत्र (Photo Source: dreamstime)

इस साल दीपावली से पहले पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा। 14 अक्टूबर (शनिवार) को शनि पुष्य नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है। इस दिन शनि देव की पूजा करने से लाभ मिलता है। पुष्य-नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इस दौरान जन्म लेने वाले इंसान विद्वान माना जाता है। माना जाता है कि भगवान राम भी पुष्य नक्षत्र में पैदा हुए थे। माना जाता है कि पुष्य-नक्षत्र में शुरू किया गया काम सफल हो जाता है। इस साल दीपावली से शनि पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा। इस दिन शनिदेव के उपाय करने से साढ़ेसाती और ढय्या से प्रभावित लोगों को लाभ मिलता है।

उपाय
1. शनिदेव की मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाएं और दीपक भी जलाएं।
2. काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, कोयला व लोहे की कील लपेटकर नहीं में बहा देने से बहुत लाभ मिलता है।
3. शनि मंदिर जाकर राजा दशरथ द्वारा रचित शनि स्त्रोत का पाठ करें।
4. शनिवार को पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। इसके साथ ही तिली के तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि दोष में कमी आती है।
5. कुष्ठ रोगियों को खाना खिलाएं। काले जूते-चप्पल, कंबल, काला छाता दान करें।
6. अंगुली में नीलम पहनें।
7. शनि पुष्य के दिन मंदिर में शनि यंत्र रखें।
8. शनिदेव का अभिषेक तिल के तेल से करें। इसके साथ ही 108 बार शनिदेव के नाम का जप करें।

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First Published on October 13, 2017 6:24 pm

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