These measures should be done according to the zodiac signs for happiness -संतान सुख प्राप्ति के लिए राशि के मुताबिक करें ये उपाय - Jansatta
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संतान सुख प्राप्ति के लिए राशि के मुताबिक करें ये उपाय

संतान सुख का वरदान भगवान गणेश द्वारा मिलता है। भगवान गणेश की उपासना से संतान की प्राप्ति होती है

कुंडली में मौजूद ग्रह दोष से संतान प्राप्ति नहीं होती है।

हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि उनके घर के आंगन में बच्चे की किलकारी गूंजे। हर मां चाहती है उसे भी संतान प्राप्ति हों लेकिन कभी-कभी यह सिर्फ ख्वाब बनकर रह जाता है। क्योंकि कुंडली में मौजूद ग्रह दोष से संतान प्राप्ति नहीं होती है। माना जाता है कि संतान सुख का वरदान भगवान गणेश द्वारा मिलता है। भगवान गणेश की उपासना से संतान की प्राप्ति होती है और संतान दोष खत्म हो जाता है। तो आइए आज राशि के मुताबिक जानते हैं उनके उपाय

किस तरह करनी चाहिए गणेश अराधना- सुबह जल्दी उठें, नहाने के बाद पीले कपड़े पहनें। पूजा घर में पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें और कुश आसन का प्रयोग करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर गणेश जी को स्थापित करें। एक थाली पर सिंदुर से स्वास्तिक बनाएं और शुभ लाभ लिखें। थाली के बीच में पीले चावल रखें और हरिद्रा महागणपति यंत्र की स्थापना करें। महागणपति लॉकेट, एक छोटा नारियल और जाप के लिए माला भी रखें। ‘गं गणपतये पुत्र वरदाय नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपासना 10 दिन तक रोजाना करें। 10 दिन बाद लॉकेट को पहन लें। नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर दक्षिणा के साथ मंदिर में चढ़ाएं। शेष पूजन सामग्री को लाल कपड़े में लपेटकर जल में विसर्जित करें।

राशि के मुताबिक संतान सुख के उपाय –

मेष राशि – इस राशि के जातकों को मिला जुला संतान सुख मिलता है। एक संतान से सहयोग मिलता है और एक से मुश्किलें। रोज सुबह 108 बार ‘ ऊं आदित्याय नम:’ मंत्र का जाप करें।

वृष राशि – इस राशि के जातकों को संतान का सुख बड़ी मुश्किलों से मिलता है। संतान बड़ी मुश्किल से होती है और होने पर समस्याएं देती है। संतान का स्वास्थ्य और स्वभाव दोनों ही समस्या देता है। इसके लिए ‘ऊं बुं बुधाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि – इस राशि के जातकों को संतान से सुख और सहयोग मिलता है। कम संतान होती है लेकिन योग्य और जिम्मेदार होती है। इस राशि के लिए ये मंत्र ‘ ऊं नम: शिवाय’ कल्याणकारी होगा।

कर्क राशि – संतान से सुख मिलना मुश्किल होता है। संतान अगर बेटी हो तो अक्सर समस्या देती है। बुढ़ापे में संतान दूर रहने लग जाती है। संतान सुख के लिए मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।

सिंह राशि – संतान योग्य और जिम्मेदार होती है। संतान योग मिलता है लेकिन संतान साथ नहीं रह पाती है। पिता-पुत्र में अक्सर मतभेत होने लगता है। इसके लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।

कन्या राशि – संतान से सुख और सहयोग नहीं मिलने में समस्याएं पैदा होती है। माता-पिता और परिजनों के साथ संतान के रिश्ते अच्छे नहीं होते हैं। इसके उपाय के लिए शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें।

तुला राशि – इस राशि के जातकों की संतान सामान्य होती है। संतान अपने माता-पिता निर्भर रहने का प्रयास करती है। माता-पिता को ही संतान का सहयोग करना पड़ता है। इसके उपाय के लिए शनि मंत्र का जाप करना चाहिए।

वृश्चिक राशि – संतान पक्ष से सामान्य सुख मिलता है। बेटियों से खूब सहयोग मिलता है। संतान खुद में काफी उन्नति करती है। समस्या होने पर श्रीमदभागवद का जितना संभव हो पाठ करना चाहिए।

धनु राशि – संतान तेजस्वी और प्रभावशाली होती है लेकिन अपने माता-पिता की परवाह नहीं करती है। आमतौर पर संतान का सहयोग नहीं के बराबर मिलता है। इसके लिए हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना चाहिए।

मकर राशि – इस राशि के जातकों की संतान बुद्धिमान और योग्य होती है। संतान से सहयोग और सम्मान खूब मिलता है लेकिन संतान से कभी-कभी मतभेद हो जाता है। इसके उपाय के लिए रोजाना शिव जी की उपासना करनी चाहिए।

कुंभ राशि – इस राशि के जातकों की संतान उन्नती करती है और प्रभावशाली होती है। लेकिन संतान का माता-पिता से वैचारिक मतभेद होता है। इसके उपाय के लिए कृष्ण जी की रोजाना उपासना करनी चाहिए।

मीन राशि – इस राशि के जातकों को संतान से सामान्य सुख मिलता है। आपस में तालमेल अच्छा नहीं होता है। संतान अपने माता-पिता से दूर रहना चाहती है। इसके उपाय के लिए सोमवार का नियमित व्रत रखें।

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First Published on October 25, 2017 12:13 pm