ताज़ा खबर
 

आज से शुरू हुआ पौष महीना, जानिए इसकी महिमा और सावधानियां

पौष के महीने में सूर्य ग्यारह हजार किरणों के साथ इंसान को ऊर्जा और स्वास्थ्य देता है।

नियमित सूर्य को जल अर्पित करने से नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।

हिंदू पंचांग के दसवें महीने को पौष माह कहा जाता है। इस महीने में हेमंत ऋतु का प्रभाव रहता है। इसलिए ठंडक काफी रहती है। शास्त्रों के मुताबिक इस महीने में सूर्य अपने विशेष प्रभाव में रहता है। इस महीने में मुख्य रुप से सूर्य की उपासना बहुत फलदायी होती है। माना जाता है कि पौष के महीने में सूर्य ग्यारह हजार रश्मियों (किरणों) के साथ इंसान को ऊर्जा और स्वास्थ्य देता है। पौष के महीने में अगर सूर्य की नियमित उपासना की जाए तो सालभर व्यक्ति स्वस्थ और संपन्न रहता है। इस साल पौष का महीना 4 दिसंबर से 2 जनवरी तक रहेगा।

कैसे करें सूर्य उपासना- रोज सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करें। तांबे के बर्तन से पानी अर्पित करें। जल में रोली और लाल फूल डालें। इसके बाद सूर्य के मंत्र ऊं आदित्याय नम: का जाप करें। इस महीने नमक का सेवन कम करें। इस महीने में मेवे और स्निग्ध चीजों का इस्तेमाल करें। चीनी की बजाय गुड़ का सेवन करें। अजवाइन, लौंग और अदरक का सेवन लाभकारी होता है। इस महीने में ठंडे पानी का इस्तेमाल ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इस महीने ज्यादा घी या तेल का इस्तेमाल ना करें। इस महीने बासी खाना नहीं खाना चाहिए।

पौष महीना की सबसे महत्वपूर्ण बात – इस महीने की मध्य रात्रि की साधना उपासना बहुत ही फलदायी मानी जाती है। इस महीने गर्म कपड़ों और अनाज का दान बहुत ही लाभकारी साबित होता है। इस माह में लाल रंग के कपड़े भाग्य में वृद्धि करते हैं। इस महीने में कपूर की सुगंध का प्रयोग करने से सेहत अच्छी रहती है।

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और गूगल प्लस पर जुड़ें

First Published on December 4, 2017 2:44 pm

  1. No Comments.