ताज़ा खबर
 

शुरू हुए पंचक, भूलकर भी ना करें ये कार्य

ज्योतिष शास्त्र में पंचक को अशुभ नक्षत्रों का योग माना जाता है। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में प्रवेश करता है तो उस समय को पंचक कहा जाता है।

अगर पंचक रविवार से शुरू होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। वहीं सोमवार से शुरू हुआ पंचक राज पंचक कहलाता है।

पांच नक्षत्रों का मिलन पंचक कहलाता है। साल 2018 का पहला पंचक 19 जनवरी शुक्रवार से शुरू हो गया है। शुक्रवार के दिन के पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। यह पंचक शुक्रवार 19 जनवरी की दोपहर लगभग 2 बजे से शुरू होकर 24 जनवरी बुधवार को सुबह लगभग 4 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में पंचक को अशुभ नक्षत्रों का योग माना जाता है। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में प्रवेश करता है तो उस समय को पंचक कहा जाता है। कहा जाता है इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। पंचक पांच दिनों तक चलता है और यह वर्ष में कई बार आता है। अगर पंचक रविवार से शुरू होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। वहीं सोमवार से शुरू हुआ पंचक राज पंचक कहलाता है। मंगलवार को शुरू हो तो उसे अग्नि पंचक कहा जाता है। इसके अलावा मृत्यु पंचक और चोर पंचक होता है। मृत्यु पंचक शनिवार और चोर पंचक शुक्रवार को होता है। दोनो काफी अशुभ माने जाते हैं।

पंचक- पांच नक्षत्र (घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद एवं रेवती)

पंचक में नहीं करने चाहिए ये काम –

1. पंचक के दौरान घर की छत नहीं बनानी चाहिए।
2. पंचक के दौरान अंतिम संस्कार करने के लिए किसी पंडित की सलाह नहीं जलानी चाहिए।
3. पंचक के दौरन चारपाई बनाना अशुभ होता है। कहा जाता है जो लोग पंचक के दौरान चारपाई बनाते हैं उन पर बड़ा संकट आ जाता है।
4. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है।

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और गूगल प्लस पर जुड़ें

First Published on January 20, 2018 4:12 pm

  1. No Comments.