ताज़ा खबर
 

स्नान करते समय चुप रहना होता है अशुभ, जानिए क्या है इसके ज्योतिषी नियम

माना जाता है सुबह स्नान करने से शरीर मजबूत बनता है और कई मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

सांकेतिक फोटो (photo source – Indian Express)

​इंसान के दिन की शुरुआत मुख्य रुप से नहाने के होती है और हम नहाते समय अनेक ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे हमें उसका अशुभ फल मिलता है। नहाने के दौरान की गई गलतियों से कुंडली में चंद्र, राहु-केतु के दोषों में बढ़ोतरी होती है, गरीबी और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र में नहाने के दौरान और उसके बाद किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया गया है। इन कार्य को करने से शुभ फल मिलता है और कुंडली से दुर्भाग्य दूर होता है। आइए जानते हैं नहाने के कुछ ज्योतिषी नियम –

नहाने के दौरान कभी भी बाथरूम में बैठकर नाखून नहीं काटना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मौन होकर नहाना अशुभ माना जाता है। इसलिए स्नान करते समय मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। दूसरों के उपयोग किए हुए पानी से नहाना ज्योतिष शास्त्र में अशुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा करने से शरीर पवित्र नहीं होता है।

स्नान करने के तुंरत बाद अग्नि का स्पर्श नही करना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में अग्नि और पानी एक साथ स्थान पर होने से दोष बढ़ते हैं। माना जाता है सुबह स्नान करने से शरीर मजबूत बनता है और कई मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। माना जाता है सुबह स्नान करने से विचारों में पवित्रता बढ़ती है और मन में गलत विचार नहीं आते हैं।

ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट, एनालिसिस, ब्‍लॉग के लिए फेसबुक पेज लाइक, ट्विटर हैंडल फॉलो करें और गूगल प्लस पर जुड़ें

First Published on December 5, 2017 3:50 pm

  1. No Comments.