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व्यक्ति को अमीर बनाता है इस भाव में शनि, जानिए कुंडली के कौन से भाव में होता है सबसे शुभ

जिन लोगों की कुंडली में शनि छठे भाव में होता है तो वह व्यक्ति सुंदर, अधिक खाने वाला और शत्रुओं को जीतने वाला होता है।

शनि देव।

जिन लोगों की कुंडली में शनि भारी होता है उनको बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शनि के प्रभाव से व्यक्ति की जिंदगी में सभी कार्य में बाधा आने लग जाती है। शनि देव को सूर्य का पुत्र कहा जाता है। शनि मकर राशि और कुंभ राशि के स्वामी है। शनि के बुध और शुक्र ग्रह मित्र माने जाते हैं। शनि के शुत्र ग्रह चंद्र और मंगल होते हैं। आइए आज जानते हैं कुंडली के किस भाव में शनि क्या प्रभाव डालता है। 26 अक्टूबर को शनि ने राशि बदली है। अब शनि 2020 तक धनु राशि में रहेंगे।

1. पहले भाव में शनि– जिन लोगों की कुंडली में शनि पहले भाव में होता है तो वह व्यक्ति जीवन में सभी सुख प्राप्त करता है।

2. दूसरे भाव में शनि – दूसरे भावमें शनि व्यक्ति को लालती बना देता है। उस व्यक्ति को विदेश से धन प्राप्त करने की लालसा रहती है।

3. तीसरे भाव में शनि – तीसरे भाव का शनि व्यक्ति को संस्कारी, सुंदर और चतुर बना देता है।

4. चौथे भाव में शनि – जिनकी कुंडली में शनि चौथे भाव में हो तो उस व्यक्ति को रोग, दुखी, वाहन, धन की कमी का सामना करता है।

5. पांचवें भाव में शनि – कुंडली के पांचवें भाव में शनि हो तो वह व्यक्ति किसी भी काम में आसानी से सफल नहीं हो पाता है। उसको उस काम को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।

6. छठे भाव में शनि – जिन लोगों की कुंडली में शनि छठे भाव में होता है तो वह व्यक्ति सुंदर, अधिक खाने वाला और शत्रुओं को जीतने वाला होता है।

7. सातवें भाव में शनि – सातवें भाव का शनि व्यक्ति को रोगी बना देता है और उस धन की कमी का सामना करता है।

8. आठवें भाव में शनि – आठवें भाव में शनि होने पर व्यक्ति जीवन में सभी कार्यों को बड़ी मेहनत से करता है और वह आसानी से सफल नहीं हो पाता है।

9 . नौवें भाव में शनि – जिसकी कुंडली में शनि नवम भाव में होता है तो वह व्यक्ति धर्म में रुचि नहीं रखता है और चतुराई से धन कमाता है।

10. दसवें भाव में शनि-  कुंडली के दशम भाव का शनि व्यक्ति को अमीर, धार्मिक, राजयोग प्रदान करता है। वह व्यक्ति जीवन में खूब धन और सम्मान पाता है।

11. ग्याहरवें भाव में शनि – जिन लोगों की कुंडली में शनि ग्याहरवें भाव में हो तो वह व्यक्ति लंबी उम्र प्राप्त करता है। ऐसे व्यक्ति को सभी सुख प्राप्त होते हैं।

12. बाहरवें भाव में शनि – कुंडली के बाहरवें भाव में शनि होने पर व्यक्ति का मन अशांत रहता है। इन लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होती है।

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First Published on December 19, 2017 4:22 pm

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