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बृहस्पति ग्रह के दोष दूर करता है पुखराज, जानिए इससे जुड़ी 7 जरुरी बातें

कुंडली में ग्रह की स्थिति देखकर ही पुखराज धारण करना चाहिए।

पुखराज को हमेशा इंडेक्स फिंगर में धारण करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न पहनने से ग्रह के बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कुंडली में ग्रह दोष जानकर ही कोई रत्न धारण करना चाहिए। इससे संबंधित ग्रह की परेशानी कम हो जाती है तथा उसको ग्रह दोष से छुटकारा मिल सकता है। सभी नौ ग्रह के अलग-अलग रत्न हैं। कहा जाता है रत्न पहनने से कमजोर ग्रह से सकारात्मक ऊर्जा मिलनी शुरू हो जाती है। इसलिए ग्रह दोष से पीड़ित व्यक्ति उंगली मे रत्न धारण करता है। आइए आज जानते हैं पुखराज से जुड़ी जानकारी –

1. पुखराज पीले रंग का होता है और पीला रंग बृहस्पति ग्रह का होता है। पुखराज का संबंध बृहस्पति देव से होता है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा जाता है। गुरु से प्रभावित लोगों को पुखराज धारण करना चाहिए। इससे उस व्यक्ति को जीवन में सफलता, मान-सम्मान मिलने लगता है।

2. जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है सिर्फ उनको ही पुखराज पहनना चाहिए।

3. कुंडली में ग्रह की स्थिति देखकर ही पुखराज धारण करना चाहिए। इसके साथ ही पुखराज का सही वजन ही धारण करना चाहिए। कहा जाता है सही वजन धारण करने से ग्रह के दुष्प्रभाव मिलने शुरू हो जाते हैं।

4. जो लोग जीवन में सही निर्णय नहीं ले पाते और मानसिक तनाव से ग्रस्त रहते हैं उनको पुखराज धारण करना चाहिए।

5. पुखराज मंहगा रत्न होता है इसलिए जो लोग इसे नहीं खरीद सकते वे इसके स्थान पर सुनैला, पीला हकीक पहन सकते हैं।

6. पुखराज को सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए।

7. पुखराज को हमेशा इंडेक्स फिंगर में धारण करना चाहिए।

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First Published on January 7, 2018 8:57 am

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